Nirjala Ekadashi 2026: निर्जला एकादशी पर दवाई खा सकते हैं या नहीं, क्या है नियम?

Published : Jun 23, 2026, 10:28 AM IST
Nirjala Ekadashi 2026 Rules

सार

Nirjala Ekadashi Dos and Donts: धर्म ग्रंथों में निर्जला एकादशी का विशेष महत्व बताया गया है। इस व्रत से जुड़े अनेक कठोर नियम हैं। जानें क्या इस व्रत में दवाई खा सकते हैं?

Nirjala Ekadashi 2026 Rules: निर्जला एकादशी को साल भर की सभी एकादशियों में सबसे श्रेष्ठ माना गया है। इस बार ये व्रत 25 जून, गुरुवार को किया जाएगा। इस व्रत के नियम सबसे कठिन हैं। इस व्रत में पूरे दिन बिना कुछ खाए-पिए भगवान की पूजा की जाती है। इस व्रत को लेकर लोगों के मन में एक सवाल अक्सर रहता है कि यदि कोई व्यक्ति नियमित दवाएं लेता है तो क्या वह निर्जला एकादशी पर दवाई खा सकता है? आगे जानिए इस व्रत से जुड़े नियमों के बारे में…

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क्या निर्जला एकादशी में दवाई ले सकते हैं?

निर्जला एकादशी व्रत में भोजन और पानी का त्याग किया जाता है। यही कारण है कि इसे सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है। हालांकि धर्म शास्त्रों में स्वास्थ्य को भी विशेष महत्व दिया गया है। यदि कोई व्यक्ति किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है या उसे नियमित रूप से दवाएं लेनी पड़ती हैं, तो वह अपनी आवश्यकता के अनुसार दवा ले सकता है।

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किन लोगों को मिलती है छूट?

सनातन धर्म में कुछ लोगों को व्रत के कठोर नियमों से मुक्त रखा गया है जिनमें वृद्ध, रोगी, गर्भवती महिलाएं और ऐसे लोग जिनकी शारीरिक स्थिति ठीक नहीं है, शामिल है। ऐसे लोग डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा और आवश्यक मात्रा में पानी ले सकते हैं। ऐसा करने से इनके व्रत के पुण्य पर कोई असर नहीं होगा।

क्या दवा लेने से व्रत टूट जाता है?

विद्वानों की मानें तो बीमारी की स्थिति में दवा लेना व्रत भंग नहीं माना जाता। यदि शरीर ही ठीक नहीं रहेगा तो आप भगवान की भक्ति कैसे करेंगे? यदि दवा स्वास्थ्य की मजबूरी के कारण ली जा रही है तो भगवान विष्णु की भक्ति और श्रद्धा ही सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। व्रत का उद्देश्य संयम, आत्मशुद्धि और ईश्वर आराधना है, न कि शरीर को नुकसान पहुंचाना।

इन बातों का भी रखें ध्यान

- यदि आप स्वस्थ हैं और निर्जला व्रत करने में सक्षम हैं तो व्रत के नियमों का पालन करें।
- यदि आपको सेहत से जुड़ी कोई समस्या है तो बिना झिझक आवश्यक दवा ले सकते हैं।
- व्रत-पूजा का मुख्य उद्देश्य भगवान की भक्ति करना है न कि अपने शरीर को कष्ट पहुंचाना।
- सेहत ठीक न हो तो एकादशी पर भगवान विष्णु का मंत्र जाप, दान-पुण्य और अच्छे काम जरूर करें।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

 

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