चंपा षष्ठी 2 दिसंबर को, संतान की कामना और उसके उत्तम स्वास्थ्य के लिए किया जाता है ये व्रत

Published : Dec 02, 2019, 09:11 AM IST
चंपा षष्ठी 2 दिसंबर को, संतान की कामना और उसके उत्तम स्वास्थ्य के लिए किया जाता है ये व्रत

सार

2 दिसंबर, सोमवार को अगहन मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है। इसे चंपा षष्ठी और बेंगन छठ भी कहा जाता है। 

उज्जैन. ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार इस साल चंपा षष्ठी पर सर्वार्थ सिद्धि का योग बन रहा है। इस योग में शुरू किए गए सभी काम सफल होते हैं। पूजा-पाठ जल्दी सिद्ध होती है। जानिए इस तिथि से जुड़ी खास बातें...

कार्तिकेय स्वामी की पूजा का विशेष दिन
पं. शर्मा के अनुसार इस तिथि पर भगवान शिव के मार्कंडेय स्वरूप की और शिवजी के पुत्र कार्तिकेय स्वामी की विशेष पूजा की जाती है। मान्यता है कि कार्तिकेय स्वामी ने इसी तिथि पर तारकासुर का वध किया था और देवताओं को असुरों के आतंक से मुक्त कराया था।

भगवान को लगाते हैं बैंगन का भोग
अगहन यानी मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी पर मार्कंडेय भगवान को बैंगन का भोग खासतौर पर लगाया जाता है।

संतान के लिए किया जाता है ये व्रत
चंपा षष्ठी का व्रत संतान के उज्जवल भविष्य और अच्छे स्वास्थ्य के लिए किया जाता है। इस दिन किए गए व्रत की वजह से संतान को बाधाओं से मुक्ति मिलती है।

सोमवार और चंपा षष्ठी के योग में करें ये शुभ काम
इस दिन शिवलिंग पर तांबे के लोटे से जल चढ़ाएं और ऊँ नम: शिवाय मंत्र का जाप कम से कम 108 बार करें। शिवजी के साथ ही गणेश, माता पार्वती, कार्तिकेय स्वामी और नंदी की भी पूजा जरूर करें। भगवान को जनेऊ चढ़ाएं। बिल्व पत्र, हार-फूल चढ़ाएं। कर्पूर जलाकर आरती करें। इस दिन शिवजी का अभिषेक भी कर सकते हैं।
 

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