Pradosh Vrat 2026: 1 मार्च को करें रवि प्रदोष व्रत, जानें मंत्र-मुहूर्त सहित पूरी पूजा विधि

Published : Mar 01, 2026, 04:10 AM IST
Pradosh Vrat 2026

सार

Pradosh Vrat March 2026: साल 2026 के तीसरे महीने के पहले ही दिन यानी 1 तारीख को प्रदोष व्रत का संयोग बन रहा है। ये व्रत रविवार को किया जाएगा, इसलिए इसे रवि प्रदोष कहा जाएगा। इस दिन और भी कईं शुभ योग बनेंगे।

Ravi Pradosh Vrat March 2026 Shubh Muhurat: धर्म ग्रंथों के अनुसार हर महीने के दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए व्रत किया जाता है, इसे प्रदोष व्रत कहते हैं। साल 2026 के तीसरे महीने यानी मार्च के पहले ही दिन यानी 1 तारीख को फाल्गुन शुक्ल त्रयोदशी तिथि होने से प्रदोष व्रत का संयोग बन रहा है। ये व्रत रविवार को होने से रवि प्रदोष कहलाएगा। इस दिन और भी कईं शुभ योग बनेंगे जिससे इसका महत्व और भी बढ़ गया है। आगे जानिए प्रदोष व्रत की पूजा विधि, मंत्र व मुहूर्त सहित पूरी डिटेल…

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1 मार्च 2026 प्रदोष व्रत पूजा शुभ मुहूर्त

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी के अनुसार 1 मार्च, रविवार को प्रदो व्रत पूजा के लिए शुभ मुहूर्त शाम 06 बजकर 21 मिनिट से 07 बजकर 09 मिनिट तक रहेगा। यानी पूजा के लिए पूरे 48 मिनट का समय भक्तों को मिलेगा। इस दिन श्रीवत्स, रवि पुष्य और सर्वार्थसिद्धि नाम के 4 शुभ योग भी रहेंगे, जिससे इस व्रत का महत्व और भी अधिक माना जाएगा।

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इस विधि से करें रवि प्रदोष व्रत-पूजा

- 1 मार्च, रविवार शनिवार की सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद हाथ में जल, चावल और फूल लेकर व्रत-पूजा का संकल्प लें।
- दिन भर व्रत के नियमों का पालन करें यानी कुछ भी खाए नहीं। किसी से झूठ न बोलें, क्रोध भी न करें। गलत विचार मन में न लाएं।
- शुभ मुहूर्त से पहले पूरी पूजन सामग्री एक स्थान पर रख लें। शुभ मुहूर्त शुरू होने पर सबसे पहले शिवलिंग का अभिषेक जल से करें।
- इसके बाद दूध से और एक बार फिर शुद्ध जल से अभिषेक करें। शिवलिंग पर फूल, धतूरा और बिल्व पत्र आदि चीजें अर्पित करें।
- पूजा करते समय मन ही मन में ऊं नम: शिवाय मंत्र का जाप करते रहें। पूजा के बाद अंत में भोग लगाकर महादेव की आरती करें।
- पूजा के बाद गरीबों को भोजन आदि दान करें। इसके बाद स्वयं सात्विक भोजन कर अपना व्रत पूरा करें। रात में ब्रह्मचर्य का पालन करें।
- जो व्यक्ति इस तरह विधि-विधान से भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए प्रदोष व्रत करता है, उसकी हर कामना पूरी होती है।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

 

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