Annapurna Jayanti Vrat Katha: क्यों महादेव ने देवी अन्नपूर्णा से मांगी भिक्षा? पढ़ें रोचक कथा

Published : Dec 04, 2025, 09:10 AM IST
Annapurna Jayanti Vrat Katha

सार

Annapurna Jayanti Vrat Katha: इस बार 4 दिसंबर, गुरुवार को देवी अन्नपूर्णा का जयंती पर्व मनाया जा रहा है। देवी अन्नपूर्णा से जुड़ी एक रोचक कथा भी है, जिसके बारे में कम ही लोगों को जानकारी है। अन्नपूर्णा जयंती के मौके पर ये कथा जरूर सुननी चाहिए।

Annapurna Jayanti 2025: हर साल अगहन मास की पूर्णिमा तिथि पर देवी अन्नपूर्णा की जयंती मनाई जाती है। हिंदू धर्म में देवी अन्नपूर्णा का विशेष महत्व बताया गया है। शिवपुराण आदि में भी इनसे जुड़ी कईं कथाएं मिलती हैं। अन्नपूर्णा वास्तव में स्वयं देवी पार्वती का ही स्वरूप है। देवी पार्वती को अन्नपूर्णा के के रूप में अवतार क्यों लेना पड़ा, इससे जुड़ी एक रोचक कथा भी है। अन्नपूर्णा जयंती (4 दिसंबर) के मौके पर पढ़ें देवी अन्नपूर्णा की ये रोचक कथा…

ये भी पढ़ें-
Annapurna Jayanti 2025: कौन हैं देवी अन्नपूर्णा? जानें पूजा विधि, मंत्र और शुभ मुहूर्त

अन्नपूर्णा जयंती व्रत कथा

प्रचलित कथा के अनुसार, एक बार भगवान शिव इस पूरे संसार को मिथ्या यानी झूठा कह दिया। समस्त संसार में अन्न भी मिथ्या है ये जानकर देवी पार्वती को बहुत दुख हुआ और उन्होंने पूरे संसार से अन्न का लोप कर दिया यानी दुनिया का अनाज खत्म कर दिया। ऐसा होने से संसार में भयंकर अकाल पड़ दिया। लोग अनाज के दाने के लिए भी तरसने लगे। ये देख महादेव को अपनी गलत का अहसास हुआ और उन्होंने देवी पार्वती से क्षमा याचना की। तब देवी पार्वती ने अन्नपूर्णा का अवतार लिया। सबसे पहले महादेव ने ही भिक्षुक बनकर देवी अन्नपूर्णा से अन्न प्राप्त किया। इसके बाद देवी अन्नपूर्णा ने सबसे पहले काशीवासियों को अन्न प्रदान किया क्योंकि ये महादेव की नगरी है। इसके बाद पूरी दुनिया को अन्न प्रदान किया। तभी से लोग देवी अन्नपूर्णा की पूजा कर रहे हैं।

ये भी पढ़ें-
Khar Maas 2025: कब से शुरू होगा खर मास, इसमें कौन-से 5 काम न करें?

कहां है देवी अन्नपूर्णा का स्थान?

मान्यता है कि देवी अन्नपूर्णा हर घर में वास करती है, उनके निवास का स्थान किचन यानी रसोई घर है। इसलिए रसोई घर को साफ रखना चाहिए। यहां किसी भी तरह की गंदगी न होने दें और पवित्रता का भी विशेष रूप से ध्यान रखें। अन्नपूर्णा देवी की कृपा से हमें और पूरे संसार को प्रतिदिन भोजन की प्राप्ति होती है। बिना अन्न के जीवन की कल्पना करना भी मुश्किल है। इसलिए अन्नपूर्णा देवी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है।

कहां है देवी अन्नपूर्णा देवी का मंदिर?

वैसे तो हमारे देश में देवी अन्नपूर्णा के अनेक मंदिर हैं, लेकन सबसे मुख्य मंदिर वाराणसी यानी काशी में है। यहां देवी अन्नपूर्णा भगवान शिव की पत्नी तथा अन्न की देवी के रूप में विराजमान है। जो व्यक्ति काशी में भगवान विश्वनाथ की पूजा करते हैं, उनके लिए इस मंदिर में दर्शन करना भी जरूरी माना गया है, तभी काशी दर्शन का पूरा फल मिलता है।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

 

PREV

पूजा व्रत कथा: Read everthing about Puja Vrat Katha, Puja Vrat Muhurat, tyohar and puja vidhi for Hindu festivals at Asianet news hindi

Read more Articles on

Recommended Stories

Maha Shivratri 2026 Kab Hai: 15 या 16 फरवरी महाशिवरात्रि कब है? यहां दूर करें कंफ्यूजन जानें सही डेट
Shattila Ekadashi 2026: षटतिला एकादशी व्रत कब? जानें पूजा विधि, मंत्र और शुभ मुहूर्त