
नई दिल्ली। सावन के पवित्र महीने में हर बार हरियाली तीज का त्योहार मनाया जाता है। सुहागन महिलाएं पूरी श्रद्धा के साथ इस त्योहार को मनाती है। हरियाली तीज का व्रत रखकर अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती है। हरियाली तीज के खास मौके पर भी भगवान शिव और उनकी अर्धांगिनी माता पार्वती की पूजा की जाती है। लेकिन क्या आपको पता है कि हरियाली तीज का त्योहार क्यों मनाया जाता है? जो महिलाएं पहली बार हरियाली तीज का त्योहार मनाने जा रही हैं, उनके लिए जानना बेहद ही जरूरी है।
क्यों मनाया जाता है हरियाली तीज का त्यौहार?
हरियाली तीज को लेकर ऐसा कहा जाता है कि ये वो महीना है जब माता पार्वती की कठोर तपस्या और त्याग को देखकर भगवान शिव प्रसन्न हुए थे। इसके बाद उन्होंने सावन महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के वक्त माता पार्वती को अपनी "अर्धांगिनी" के तौर पर स्वीकारा था। तब से लेकर अबतक हर साल विवाहित महिलाएं इस व्रत को रखती आ रही है। यहां तक की कुवारी कन्या भी अपने मनचाहे पति को पाने के लिए ये व्रत रख सकती है। इस दिन सुहागन महिलाएं 16 श्रृंगार करके माता पार्वती और भगवान शिव की आराधना करती है।
कब है हरियाली तीज का त्योहार?
हरियाली तीज का त्योहार 26 जुलाई के दिन 7 बजकर 11 मिनट श्याम को शुरू होगा, जोकि अगले दिन 27 जुलाई को 7 बजकर 11 मिनट तक रहेगा। इस संदर्भ में हरियाली तीज का त्योहार साल 2025 में 27 जुलाई के दिन मनाया जाने वाला है।
हरियाली तीज व्रत नियम
हरियाली तीज व्रत के कुछ नियम होते हैं जिनका पालन करना जरूरी होती है। अगर आप हरियाली तीज का निर्जला व्रत रख रही हैं, तो हमेशा आपको ऐसे ही व्रत करना होगा। भगवान शिव और माता पार्वती की रातभर जाकर ध्यान करना होगा। किसी के लिए अपशब्द नहीं निकालने होंगे। 16 श्रृंगार करना होगा।
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