
Janmashtami Mantra: अगस्त का महीना हिंदू श्रद्धालुओं के लिए बेहद ही खास होने वाला है। कई सारे त्योहार इस महीने पड़ रहे हैं, उन्हीं में से एक है जन्माष्टमी का त्योहार। 16 अगस्त के दिन जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाने वाला है। इसको लेकर अभी से ही बाजारों और घरों में तैयारियां शुरू हो चुकी है। जन्माष्टमी वाले दिन खास पूजा-पाठ की जाती है। इसके अलावा कुछ ऐसे मंत्रों का उच्चरण किया जाता है, जिससे भगवान श्री कृष्ण की कृपा आप पर बरस सकती है। सकारात्मक ऊर्जा का घर में वास होता है। साथ ही मां लक्ष्मी की कृपा भी आप पर बनी रहती है।
1. अधरं मधुरं वदनं मधुरं नयनं मधुरं हसितं मधुरं।
हृदयं मधुरं गमनं मधुरं मधुराधिपतेरखिलं मधुरम्।।
अर्थ- श्री मधुरापधिपति का सभी कुछ मधुर है। उनके अधर मधुर हैं। उनका मुख, नेत्र, हास्य और गति भी अति मधुर है।
2. हरे कृष्ण, हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण, हरे हरे राम, हरे राम, राम राम, हरे हरे
कान्हा की भक्ति में लीन होने के लिए ये मंत्र काफी है। इस मंत्र का जाप करने से आपको सुख की प्राप्ति होती है।
3. ऊँ क्लीं ग्लौं क्लीं श्यामलांगाय नम:।।
इस मंत्र का जाप करने से जीवन में आई आर्थिक तंगी से भी छुटकारा पाया जा सकता है।
4. ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय नम:।।
इस मंत्र का जाप करने से आपके सारे काम पूरे होने लगते हैं। किसी भी तरह की बाधा का सामना नहीं करना पड़ता है।
5. कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने।।
इसका मतलब है कि वासुदेव के पुत्र, परमात्मा कृष्ण को नमस्कार, जो अपने भक्तों के दुखों को दूर करते हैं, उन गोविंद को बार-बार मेरा प्रणाम।
जन्माष्टमी वाले दिन लड्डू गोपाल को भोग लगाते समय "त्वदीयं वस्तु गोविन्द तुभ्यमेव समर्पये। गृहाणे सम्मुखो भूत्वा प्रसीद परमेश्वर" मंत्र बोलना चाहिए। जब भी कान्हा जी को भोग लगाएं तो मंदिर में पर्दा कर दें और ये मंत्र बोले।
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पंडित प्रवीण द्विवेदी के मुताबिक चूंकि भाद्रपद कृष्ण अष्टमी तिथि का सूर्योदय 16 अगस्तो को होगा, इसीलिए इसी दिन श्री कृष्ण का पर्व जन्माष्टमी मनाया जाएगा।
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