Mahashivratri 2023: 10 से 18 फरवरी तक रोज इस पेड़ के नीचे लगाएं 1 दीपक, आपकी जेब कभी खाली नहीं होगी

Published : Feb 06, 2023, 06:00 AM IST
mahashivratri 2023

सार

Mahashivratri Upay 2023: धर्म ग्रंथों के अनुसार, महाशिवरात्रि से पहले के 9 दिन बहुत ही खास होते हैं। इन 9 दिनों को शिव नवरात्रि कहते हैं। इन 9 दिनों में यदि कोई खास उपाय किया जाए तो हर तरह परेशानी दूर हो सकती है। 

उज्जैन. इस बार महाशिवरात्रि (Mahashivratri Upay 2023) का पर्व 18 फरवरी, शनिवार को मनाया जाएगा। इसके पहले के 9 दिन बहुत ही खास होते हैं। इन दिनों में शिव नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। देश के प्रमुख शिव मंदिरों में शिव नवरात्रि (shiv navratri 2023) के दौरान महादेव और देवी पार्वती के विवाह से संबंधित परंपराएं निभाई जाती हैं। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी के अनुसार, इन 9 दिनों में अगर कोई खास उपाय किया जाए तो हर तरह की परेशानी दूर हो सकती है। आगे जानिए धन लाभ से जुड़े एक ऐसे ही उपाय के बारे में…


9 दिनों तक रोज करें ये उपाय
धर्म ग्रंथों के अनुसार, शिव पूजा में बिल्व पत्र जरूर चढ़ाएं जाते हैं। इसके बिना शिवजी की पूजा अधूरी मानी जाती है। शिवपुराण के अनुसार बिल्व वृक्ष के मूल यानी जड़ में साक्षात शिव का वास होता है। साथ ही कुबेर देव भी इस वृक्ष में निवास करते हैं। इसलिए धन की इच्छा रखने वाले लोगों को इस पेड़ के नीचे रोज शुद्ध घी का दीपक लगाना चाहिए। ये उपाय यदि रोज न कर पाएं तो शिव नवरात्रि के दौरान ये उपाय जरूर करना चाहिए। इस बार शिव नवरात्रि का पर्व 10 से 18 फरवरी तक मनाया जाएगा।


कैसे करें ये उपाय?
शिव नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन शाम के स्नान करने के बाद गाय के शुद्ध घी का दीपक बिल्व वृक्ष के नीचे रखें, इसके पहले जल भी जरूर चढ़ाएं। दीपक रखने के बाद मन ही मन शिवजी और कुबेरदेव का स्मरण करें और जो भी इच्छाएं हों, उन्हें पूरा करने के लिए प्रार्थना करें। इस उपाय के कुबेरदेव भी प्रसन्न होते हैं, जिससे धन लाभ की आपकी इच्छा जरूर पूरी हो सकती है।


बिल्व वृक्ष को क्यों मनाते हैं पूजनीय?
हिंदू धर्म में बिल्व वृक्ष को पूजनीय माना गया है। इसका वर्णन शिवपुराण में भी मिलता है। उसके अनुसार…
बिल्वमूले महादेवं लिंगरूपिणमव्ययम्।
य: पूजयति पुण्यात्मा स शिवं प्राप्नुयाद्॥
बिल्वमूले जलैर्यस्तु मूर्धानमभिषिञ्चति।
स सर्वतीर्थस्नात: स्यात्स एव भुवि पावन:॥
अर्थ- बिल्व के मूल में लिंगरूपी अविनाशी महादेव का पूजन जो पुण्यात्मा व्यक्ति करता है, उसका कल्याण होता है। जो व्यक्ति शिवजी के ऊपर बिल्वमूल में जल चढ़ाता है उसे सब तीर्थो में स्नान का फल मिल जाता है।

 

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Disclaimer : इस आर्टिकल में जो भी जानकारी दी गई है, वो ज्योतिषियों, पंचांग, धर्म ग्रंथों और मान्यताओं पर आधारित हैं। इन जानकारियों को आप तक पहुंचाने का हम सिर्फ एक माध्यम हैं। यूजर्स से निवेदन है कि वो इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें। आर्टिकल पर भरोसा करके अगर आप कुछ उपाय या अन्य कोई कार्य करना चाहते हैं तो इसके लिए आप स्वतः जिम्मेदार होंगे। हम इसके लिए उत्तरदायी नहीं होंगे।

 

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