Mangala Gauri Vrat 2023: 4 शुभ योग में 1 अगस्त को करें मंगला गौरी व्रत, ये हैं 5 शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Published : Aug 01, 2023, 06:00 AM IST
mangla gouri vrat 2023

सार

Mangala Gauri Vrat 2023: 1 अगस्त, मंगलवार को मंगला गौरी व्रत किया जाएगा। ये इस बार का पाचंवा मंगला गौरी व्रत रहेगा। इस दिन कई शुभ योग बनेंगे, जिसके चलते इसका महत्व और भी ज्यादा हो गया है। इस व्रत के प्रभाव से घर में सुख-शांति बनी रहती है। 

उज्जैन. अगस्त 2023 के पहले ही दिन यानी 1 तारीख को मंगला गौरी व्रत (Mangala Gauri Vrat 2023) का संयोग बन रहा है। ये इस बार का पांचवां मंगला गौरी व्रत रहेगा। इस दिन कई शुभ योग भी बन रहे हैं, जिसके चलते इस व्रत का महत्व और भी बढ़ गया है। कुंवारी कन्याएं अच्छे वर के लिए और विवाहित महिलाएं घर की सुख-समृद्धि के लिए ये व्रत करती हैं। आगे जानिए इस व्रत से जुड़ी खास बातें…

कौन-कौन से शुभ योग बनेंगे इस दिन? (Mangala Gauri Vrat 1 August 2023 Shubh Yog)
सावन मास का पांचवां मंगलवार 1 अगस्त को है, इसलिए इस दिन मंगला गौरी व्रत किया जाएगा। मंगलवार को उत्तराषाढ़ा नक्षत्र होने से पद्म नाम का शुभ योग बनेगा। इसके अलावा प्रीति और आयुष्मान नाम के 2 अन्य योग भी इस दिन रहेंगे। सिंह राशि में शुक्र और बुध होने से लक्ष्मीनारायण योग भी इस दिन बनेगा। इतने सारे शुभ योगों के चलते इस व्रत का महत्व और भी बढ़ गया है।

ये हैं पूजा के शुभ मुहूर्त (Mangala Gauri Vrat 2023 Shubh Muhurat)
- सुबह 09:17 से 10:55 तक
- सुबह 10:55 से दोपहर 12:33 तक
- दोपहर 12:07 से 12:59 तक (अभिजीत मुहूर्त)
- दोपहर 12:33 से 02:11 तक
- दोपहर 03:49 से 05:27 तक

इस विधि से करें मंगला गौरी व्रत की विधि (Mangala Gauri Vrat Vidhi)
- 1 अगस्त मंगलवार की सुबह स्नान करने के बाद हाथ में जल, फूल और चावल लेकर मंगला गौरी व्रत का संकल्प लें।
- इसके बाद ऊपर शुभ मुहूर्त में देवी पार्वती का चित्र या प्रतिमा एक साफ स्थान पर स्थापित करें। देवी के सामने दीपक जलाएं।
- देवी की प्रतिमा को हार पहनाएं और एक-एक करके अबीर, गुलाल, रोली, चावल आदि चीजें चढ़ाते रहें।
- पूजा संपन्न करने से पहले माता पार्वती को सुहाग की सामग्री जैसे लाल चुनरी, सिंदूर, चूड़ी, बिंदी, मेहंदी आदि भेंट करें।
- देवी को अपनी इच्छा अनुसार भोग लगाएं और आरती करें। इस व्रत के प्रभाव से घर में सुख-शांति बनी रहती है।


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