
Sheetala Puja 2025 Details: हिंदू धर्म में देवी के अनेक रूप बताए गए हैं। देवी शीतला भी इनमें से एक है। ये माता पार्वती का ही एक रूप हैं। हर साल चैत्र कृष्ण पक्ष की सप्तमी और अष्टमी तिथि पर इनकी पूजा की जाती है। इस पूजा में देवी को ठंडे भोजन का भोग लगाया जाता है। देवी शीतला की पूजा करने वाले भी इस दिन ठंडा भोजन ही करते हैं। आगे जानिए इस बार कब है शीतला सप्तमी-अष्टमी, साथ ही पूजा विधि, मंत्र सहित पूरी डिटेल…
कुछ स्थानों पर देवी शीतला की पूजा चैत्र कृष्ण सप्तमी तिथि पर तो कुछ स्थानों पर अष्टमी तिथि पर की जाती है। पंचांग के अनुसार, इस बार शीतला सप्तमी का पर्व 21 मार्च, शुक्रवार और शीतला अष्टमी का पर्व 22 मार्च, शनिवार को मनाया जाएगा।
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी के अनुसार, 21 मार्च को शीतला सप्तमी पर पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 06:24 से 06:33 तक रहेगा। अगले दिन यानी 22 मार्च को शीतला अष्टमी पर पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 06:23 से शाम 06:33 तक रहेगा।
- महिलाएं जिस भी तिथि (सप्तमी या अष्टमी) पर देवी शीतला की पूजा करें, उसके एक दिन पहले पूजा में चढ़ाने वाली चीजें बनाकर रख लें क्योंकि देवी शीतला को ठंडी चीजों का ही भोग लगाया जाता है।
- अगले दिन सुबह स्नान आदि करने के बाद व्रत-पूजा का संकल्प लें। शीतला माता के मंदिर में जाएं और ठंडे खाद्य पदार्थ जैसे पुरी-भजिए, चावल, थूली आदि का भोग लगाएं। पूजा स्थान की 7 परिक्रमा करें।
- देवी शीतला की पूजा में दीपक और अगरबत्ती न जलाएं, ऐसा शास्त्रों में लिखा है। इसके बाद शीतला माता की कथा सुनें और बिना दीपक के ही आरती गाएं। इससे आपके परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी।
- इस दिन घरों में गर्म भोजन न बनाएं। एक दिन पहले का बनाया हुआ भोजन ही प्रसाद के रूप में खाएं। संभव हो तो नीचे लिखे मंत्र का जाप भी अपनी इच्छा अनुसार करें-
ॐ ह्रीं श्रीं शीतलायै नमः।
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो ज्योतिषियों द्वारा बताई गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।
पूजा व्रत कथा: Read everthing about Puja Vrat Katha, Puja Vrat Muhurat, tyohar and puja vidhi for Hindu festivals at Asianet news hindi