Bhutadi Amavasya 2023: साल में सिर्फ एक बार आती है भूतड़ी अमावस्या, जानें इस बार कब है, क्यों इसे ये नाम दिया गया है?

Published : Mar 19, 2023, 07:00 AM IST
bhutadi amawasya 2023

सार

Bhutadi Amavasya 2023 Date: पंचांग के अनुसार, एक साल में 12 अमावस्या होती है, लेकिन भूतड़ी अमावस्या साल में सिर्फ एक बार ही आती है। ये अमावस्या बहुत खास मानी गई है। इसका नाम भी काफी डरावना है। 

उज्जैन. पंचांग के अनुसार, एक महीने में कुल 16 तिथियां होती हैं। इनमें से एक से लेकर चतुर्दशी तिथि तक की तिथि दोनों पक्षों (शुक्ल और कृष्ण) में एक जैसी होती है। शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि को पूर्णिमा और कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि को अमावस्या कहते हैं। एक साल में कुल 12 अमावस्या तिथि होती हैं। इस तिथि के स्वामी पितृ देवता हैं। इस तिथि का महत्व कई धर्म ग्रंथों में मिलता है। चैत्र मास की अमावस्या को भूतड़ी अमावस्या (Bhutadi Amavasya 2023) कहते हैं। इस अमावस्या का ये नाम होने के पीछे कई कारण हैं। आज हम आपको भूतड़ी अमावस्या से जुड़ी कुछ खास बातें बता रहे हैं जो इस प्रकार है…

इस बार कब है भूतड़ी अमावस्या? ( Kab Hai Bhutadi Amavasya)
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी के अनुसार, इस बार चैत्र मास की अमावस्या 21 मार्च को है। इसे ही भूतड़ी अमावस्या कहते हैं। मंगलवार को होने से ये भौमवती अमावस्या भी कहलाएगी। ग्रहों और नक्षत्रों के संयोग से इस दिन शुभ, शुक्ल और सिद्धि नाम के 3 योग भी बन रहे हैं। इतने सारे शुभ योग होने से इस तिथि का महत्व और भी बढ़ गया है।

इसलिए खास है ये भूतड़ी अमावस्या? (Significance of Bhutadi Amavasya)
वैसे तो साल में 12 अमावस्या होती है, लेकिन भूतड़ी अमावस्या साल में सिर्फ एक ही बार आती है। इसे भूतड़ी नाम क्यों दिया गया, इसके पीछे कई कारण है। ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी के अनुसार, इस तिथि पर देश के प्रमुख नदियों के तट पर मेलों का आयोजन किया जाता है। जिन लोगों पर ऊपरी बाधाओं का साया होता है, वे इस दिन नदी में स्नान करते हैं तो उनकी परेशानियों का निदान हो जाता है। भूत-प्रेत से संबंधित होने के कारण ही इसे भूतड़ी अमावस्या कहते हैं।

भूतड़ी अमावस्या पर यहां लगता है मेला
भूतड़ी अमावस्या पर पवित्र नदियों के किनारे धार्मिल मेले लगते हैं, लेकिन सबसे बड़ा मेला नर्मदा किनारे धाराजी नामक स्थान पर लगता है। यहां आने वाले अधिकांश लोग या तो प्रेत बाधा से पीड़ित होते हैं या ऐसे लोगों को लाने वाले होते हैं। इसके अलावा उज्जैन के बावन कुंड में भी ऐसे दृश्य देखने जा सकते हैं। कोई भी आम व्यक्ति ऐसे दृश्य देखकर डर सकता है।

इन बातों का ध्यान रखें इस दिन
भूतड़ी अमावस्या पर लोगों को कुछ बातों का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए जैसे नदी किनारे बिना किसी खास काम के न जाएं। महिलाएं बाल खुले रखकर घर के बाहर न निकलें। इस दिन शराब या मांसाहार लेकर इधर-उधर न जाएं। श्मशान के निकट से न गुजरें, जरूरी हो तो भगवान का नाम लेते हुए जल्दी से निकल जाएं।



ये भी पढ़ें-

Rashifal: मीन राशि में बना त्रिग्रही योग चमकाएगा इन 5 राशि वालों की किस्मत, क्या भी शामिल हैं इस लिस्ट में?


Surya Grahan 2023: कुछ दिनों बाद होगा साल 2023 का पहला सूर्य ग्रहण, जानें सही डेट, क्या ये भारत में दिखाई देगा?


Palmistry: किसकी लव लाइफ रहती है परफेक्ट और किसे नहीं मिलता वैवाहिक सुख? जानें हथेली की इन रेखाओं से


Disclaimer : इस आर्टिकल में जो भी जानकारी दी गई है, वो ज्योतिषियों, पंचांग, धर्म ग्रंथों और मान्यताओं पर आधारित हैं। इन जानकारियों को आप तक पहुंचाने का हम सिर्फ एक माध्यम हैं। यूजर्स से निवेदन है कि वो इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें। आर्टिकल पर भरोसा करके अगर आप कुछ उपाय या अन्य कोई कार्य करना चाहते हैं तो इसके लिए आप स्वतः जिम्मेदार होंगे। हम इसके लिए उत्तरदायी नहीं होंगे।

 

PREV

पूजा व्रत कथा: Read everthing about Puja Vrat Katha, Puja Vrat Muhurat, tyohar and puja vidhi for Hindu festivals at Asianet news hindi

Recommended Stories

Mahashivratri 2026 Date and Time: महाशिवरात्रि कब है, जानिए सही डेट-मुहूर्त और पूजा सामग्री लिस्ट
Maha Shivratri 2026 Date: महाशिवरात्रि कब है 15 या 16 फरवरी? दूर करें कंफ्यूजन जानें सही डेट