
Panchak Mai Rakhi Bandh Sakte Hai Ya Nahi: हर साल श्रावण पूर्णिमा पर रक्षा बंधन का पर्व मनाया जाता है। ये भाई-बहन के पवित्र प्रेम का प्रतीक है। इस बार रक्षा बंधन 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। खास बात ये है कि इस दिन पंचक का संयोग भी बन रहा है। पंचक के दौरान बहुत से काम करने की मनाही होती है, ऐसे में ये सवाल उठता है कि क्या पंचक में रक्षा बंधन का पर्व मनाया जा सकता है? उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. जय शर्मा से जानिए इन सवालों के जवाब...
पंचांग के अनुसार पंचक की शुरूआत रक्षा बंधन से एक दिन पहले ही हो जाएगी। पंचक 27 अगस्त, गुरुवार की दोपहर लगभग 01 बजकर 57 मिनिट से शुरू होगा जो 31 अगस्त, सोमवार की रात लगभग 4 बजे तक रहेगा। इसी दौरान 28 अगस्त, शुक्रवार को रक्षा बंधन का पर्व मनाया जाएगा। इस तरह रक्षा बंधन पर पंचक का संयोग बन रहा है।
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ज्योतिषाचार्य पं. शर्मा के अनुसार, पंचक में कुछ विशेष काम करने की मनाही होती है माना जाता है ये काम करने से जीवन में परेशानी आ सकती है। पंचक में अन्य शुभ काम किए जा सकते हैं। रक्षा बंधन पर यदि पंचक का संयोग बन रहा है तो इससे कोई परेशानी नहीं है। पंचक में बहनें अपने भाई को राखी बांध सकती हैं।
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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अलग-अलग वार से शुरू होने वाले पंचक का नाम भी अलग होता है। गुरुवार से शुरू होने वाले पंचक को राज पंचक कहा जाता है। इस पंचक में
सरकारी काम, प्रशासन से जुड़े काम, संपत्ति और अधिकार से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है। रक्षा बंधन का पर्व राज पंचक के दौरान ही मनाया जाएगा।
1. पंचक में दक्षिण दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए।
2. पंचक के दौरान ज्वलनशील पदार्थों जैसे लकड़ी, पेट्रोल आदि इकट्ठा नही करना चाहिए।
3. पंचक में घर की छत भी नहीं बनवानी चाहिए।
4. पंचक के दौरान यदि किसी की मृत्यु हो जाए तो योग्य विद्वान से पूछकर ही उसका दाह संस्कार करना चाहिए।
5. पंचक में लकड़ी का सामान न तो खरीदें और न ही बनवाएं।
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।
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