
Top 10 Ram Bhajan Lyrics: चैत्र शुक्ल नवमी तिथि पर हर साल राम नवमी का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 27 मार्च, शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस दिन देश के सभी मंदिरों में राम भक्तों की भीड़ उमड़ती है। लोग अलग-अलग तरह से भगवान श्रीराम की भक्ति करते हैं। राम नवमी की सुबह अगर भगवान श्रीराम के सुमधुर भजन सुने जाएं तो पूरा दिन राममय हो जाता है और इसका शुभ फल भी मिलता है। आगे जानिए कुछ ऐसे ही राम भजन, जिन्हें सुने बिना राम जन्मोत्सव अधूरा है…
पार होगा वही जिसे पकड़ोगे राम
जिसको छोड़ोगे पलभर में डूब जाएगा
पार होगा वही जिसे पकड़ोगे राम
जिसको छोड़ोगे पलभर में डूब जाएगा
तिरना क्या जाने पत्थर बेचारे तिरने लगे तेरे
नाम के सहारे नाम लिखते आ गए है
पत्थर में प्राण जिसको छोड़ोगे
जिसको छोड़ोगे पलभर में डूब जाएगा
पार होगा वही जिसे पकड़ोगे राम
जिसको छोड़ोगे पलभर में डूब जाएगा
जिसको छोड़ोगे पलभर में डूब जाएगा
लंका जलाई लांघा समुन्दर
राक्षस को मार आया
छोटा सा बन्दर बस जपता रहा
दिन रात तेरा नाम जिसको छोड़ोगे
जिसको छोड़ोगे पलभर में डूब जाएगा
जिसको छोड़ोगे पलभर में डूब जाएगा
पार होगा वहीँ जिसे पकड़ोगे राम
जिसको छोड़ोगे पलभर में डूब जाएगा
सुनकर के बाते मुस्काए राम जी
मारे ख़ुशी के नाचे हनुमान जी
भक्त देखा ना बनवारी तेरे समान
जिसको छोड़ोगे पलभर में डूब जाएगा
जिसको छोड़ोगे पलभर में डूब जाएगा
पार होगा वहीँ जिसे पकड़ोगे राम
जिसको छोड़ोगे पलभर में डूब जाएगा
पार होगा वही जिसे पकड़ोगे राम
जिसको छोड़ोगे पलभर में डूब जाएगा
रघुपति राघव राजा राम
पतित पावन सीता राम
सीता राम सीता राम
भज प्यारे तू सीता राम
राम सिया राम सिया राम
राम सिया राम सिया राम
अयोध्या अयोध्या आये
मेरे प्यारे राम
बोलो जय जय श्री राम
हे म्हारी आखों के तारे है
प्रभु राम
बोलो जय जय श्री राम
युग राम राज का आ गया
शुभ दिन ये आज का आ गया
हुई जीत सनातन धर्म की
घर घर भगवा लहरा गया
जागा है अवध का भाग जी
गूंजा है विजय का राग जी
योगी संतन की अखियों से
छलके प्रेम अनुराग जी
सज धज के, सज धज के,
हे सज धज के लागे
सबसे न्यारे राम
बोलो जय जय श्री राम
हे म्हारी आखों के तारे है
प्रभु राम
बोलो जय जय श्री राम
रघुनन्दन का राज तिलक है
राज सिंहासन राम का हक है
राम का होगा राज जगत में
प्रश्न ना कोई ना कोई शक है
राम के पथ में सबकी पलक है
जीत ये सबके लिए ही सबक है
जय श्री राम के नाम का नारा
देता सुनाई अम्बर तक है
किसी भी युंग मे ना हारे
मेरे प्यारे राम
बोलो जय जय श्री राम
हे म्हारी आखों के तारे है
प्रभु राम
बोलो जय जय श्री राम
शरयु के धारे नाच रहे
दोनों किनारे नाच रहे
दसों दिशाएं झूम रही
यंहा चांद सितारे नाच रहे
नाच रहे मन भक्तों के
यहां साधु सारी नाच रहे
राम की धुन में होके मगन सब
राम दुलारे नाच रहे
नाच रहे पर्वत पर शंकर
देवी देवता नाच रहे
अयोध्या अयोध्या आये
मेरे प्यारे राम
बोलो जय जय श्री राम
हे म्हारी आखों के तारे है
प्रभु राम
बोलो जय जय श्री राम
बाजे मंजीरे और मृदंग
हवा में उड़े केसरिया रंग
लौट आए है रघुवंशी, सिया लखन हनुमत संग
मंगल भवन अमंगल हारी
द्रबाहु सो दशरथ अजिर बिहारी।।
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
राम सिया राम सिया राम जय जय राम।।
हरि अनंत हरि कथा अनंत
कहि सुनहि बहू विधि सब संता।।
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
राम सिया राम सिया राम जय जय राम।।
भीर पड़ी जब भक्त पुकारे
दूर करो प्रभु दुख हमारे।।
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
राम सिया राम सिया राम जय जय राम।।
दीन दयाल विराद संहारी
हरहु नाथ मम संकट भारी।।
राम सिया राम सिया राम जय जय राम
राम सिया राम सिया राम जय जय राम।।
जिसके ह्रदय में राम नाम बंद है
उसको हर घडी आनंद ही आनंद है
लेकर सिर्फ राम नाम का सहारा
इस दुनिया को करके किनारा
राम जी की रजा में जो रजामंद है
उसको हर घडी आनंद ही आनंद है
जिसके ह्रदय में राम नाम बंद है
उसको हर घडी आनंद ही आनंद है
बुरी संगत की रंगत से दूर रहे
निंदा चुगली कभी ना किसी की करे
जिसको सत्संग हर दम पसंद है
उसको हर घडी आनंद ही आनंद है
जिसके ह्रदय में राम नाम बंद है
उसको हर घडी आनंद ही आनंद है
मेरी चौखट पे चल के आज
चारो धाम आये हैं
बजाओ ढोल स्वागत में
मेरे घर राम आये हैं
कथा शबरी की जैसे
जुड़ गयी मेरी कहानी से
ना रोको आज धोने दो चरण
आँखों के पानी से
बहोत खुश हैं मेरे आंसू
के प्रभु के काम आये हैं
बजाओ ढोल स्वागत में
मेरे घर राम आये है
तुमको पा के क्या पाया है
सृष्टि के कण कण से पूछो
तुमको खोने का दुःख क्या है
कौसल्या के मन से पूछो
द्वार मेरे ये अभागे
आज इनके भाग जागे
बड़ी लम्बी इन्तेज़ारी हुई
रघुवर तुम्हारी तब
आयी है सवारी संदेशे आज खुशियों के
हमारे नाम आये है
बजाओ ढोल स्वागत में
मेरे घर राम आये है
दर्शन पा के हे अवतारी
धनि हुए हैं नैन पुजारी
जीवन नइयाँ तुमने तारी
मंगल भवन अमंगल हारी
मंगल भवन अमंगल हारी
निर्धन का तुम धन हो राघव
तुम ही रामयण हो राघव
सब दुःख हरना अवध बिहारी
मंगल भवन अमंगल हारी
मंगल भवन अमंगल हारी
मंगल भवन अमंगल हारी
चरण की धुल ले लूँ मैं
मेरे भगवन आये है
बजाओ ढोल स्वागत में
मेरे घर राम आये है
मेरी चौखट पे चल के आज
चारो धाम आये हैं
बजाओ ढोल स्वागत में
मेरे घर राम आये हैं
जय श्री राम जय श्री राम जय श्री राम
जरा देर ठहरो राम तमन्ना यही है
अभी हमने जी भर के देखा नही है ॥
जरा देर ठहरो राम तमन्ना यही है
अभी हमने जी भर के देखा नही है
कैसी घड़ी आज जीवन की आई ।
अपने ही प्राणो की करते विदाई ।
अब ये अयोध्या हमारी नहीं है ॥
अभी हमने जी भर के देखा नही है ॥
अभी हमने जी भर के देखा नही है
माता कौशल्या की आंखों के तारे।
दशरथ जी के राज दुलारे ।
कभी ये अयोध्या को भुलाना नहीं है ॥
अभी हमने जी भर के देखा नही है ॥
अभी हमने जी भर के देखा नही है
जाओ प्रभु अब समय हो रहा है।
घरों का उजाला भी कम हो रहा है ।
अंधेरी निशा का ठिकाना नहीं है ॥
अभी हमने जी भर के देखा नही है ॥
अभी हमने जी भर के देखा नही है
मेरी झोपड़ी के भाग, आज खुल जाएंगे,
राम आएँगे,
राम आएँगे आएँगे, राम आएँगे,
मेरी झोपडी के भाग, आज खुल जाएंगे,
राम आएँगे ॥
राम आएँगे तो आंगना सजाऊँगी,
दिप जलाके दिवाली मैं मनाऊँगी,
मेरे जन्मो के सारे पाप मिट जाएंगे,
राम आएँगे,
मेरी झोपडी के भाग आज खुल जाएंगे,
राम आएँगे ॥
राम झूलेंगे तो पालना झुलाऊँगी,
मीठे मीठे मैं भजन सुनाऊँगी,
मेरी जिंदगी के सारे दुःख मिट जाएँगे,
राम आएँगे,
मेरी झोपडी के भाग आज खुल जाएंगे,
राम आएँगे॥
मैं तो रूचि रूचि भोग लगाऊँगी,
माखन मिश्री मैं राम को खिलाऊंगी,
प्यारी प्यारी राधे प्यारे श्याम संग आएँगे,
श्याम आएँगे
मेरी झोपडी के भाग आज खुल जाएंगे,
राम आएँगे ॥
मेरा जनम सफल हो जाएगा,
तन झूमेगा और मन गीत गाएगा,
राम सुन्दर मेरी किस्मत चमकाएंगे,
राम आएँगे,
मेरी झोपड़ी के भाग आज खुल जाएंगे,
राम आएँगे ॥
सीता राम सीता राम,
सीताराम कहिये,
जाहि विधि राखे राम,
ताहि विधि रहिये।
मुख में हो राम नाम,
राम सेवा हाथ में,
तू अकेला नाहिं प्यारे,
राम तेरे साथ में ।
विधि का विधान जान,
हानि लाभ सहिये,
जाहि विधि राखे राम,
ताहि विधि रहिये ॥
सीता राम सीता राम,
सीताराम कहिये,
जाहि विधि राखे राम,
ताहि विधि रहिये ।
किया अभिमान तो फिर,
मान नहीं पायेगा,
होगा प्यारे वही जो,
श्री रामजी को भायेगा ।
फल आशा त्याग,
शुभ कर्म करते रहिये,
जाहि विधि राखे राम,
ताहि विधि रहिये ॥
सीता राम सीता राम,
सीताराम कहिये,
जाहि विधि राखे राम,
ताहि विधि रहिये ।
ज़िन्दगी की डोर सौंप,
हाथ दीनानाथ के,
महलों मे राखे चाहे,
झोंपड़ी मे वास दे ।
धन्यवाद निर्विवाद,
राम राम कहिये,
जाहि विधि राखे राम,
ताहि विधि रहिये ॥
सीता राम सीता राम,
सीताराम कहिये,
जाहि विधि राखे राम,
ताहि विधि रहिये ।
आशा एक रामजी से,
दूजी आशा छोड़ दे,
नाता एक रामजी से,
दूजे नाते तोड़ दे ।
साधु संग राम रंग,
अंग अंग रंगिये,
काम रस त्याग प्यारे,
राम रस पगिये ॥
सीता राम सीता राम,
सीताराम कहिये,
जाहि विधि राखे राम,
ताहि विधि रहिये ।
बोलो राम जय जय राम बोलो राम
भोले राम आजा राम भोले राम
जनम सफल होगा रे बन्दे मन में राम बसाले
हे राम नाम के मोती को सांसो की माला बनाले
मन में राम बसाले भोले राम आजा राम भोले राम
रामपतित पावन करुना कर और सदा सुख दाता
सरस सुहावन अति मन भावन राम से प्रीत लगाले
मन में राम बसाले भोले राम आजा राम भोले राम
मोह माया है झुटा बन्धन त्याग उसे तू प्राणी
राम नाम की ज्योत जलाकर अपना भाग्य जगाले
मन में राम बसाले भोले राम आजा राम भोले राम
राम भजन में डूब के अपनी निर्मल कर दे काया
राम नाम से प्रीत लगाके जीवन पार लगाले
मन में राम बसाले भोले राम आजा राम भोले राम
बोलो राम जय जय राम बोलो राम
भोले राम आजा राम भोले राम
राम को देख कर जनक नंदनी लिरिक्स हिंदी में
राम को देख कर के जनक नंदनी
बाग में यु खड़ी की खड़ी रह गयी
राम देखे सिया को सिया राम को
चारो अखियाँ लड़ी की लड़ी रह गयी
बाग में यु खड़ी की खड़ी रह गयी
बोली पहली सखी जानकी के लिए
क्या विधाता ने ये जोड़ी है रची
पर धनुष कैसे तोड़ेंगे सुन्दर कुवर
मन में शंका बनी की बनी रह गयी
राम देखे सिया को सिया राम को
चारो अखियाँ लड़ी की लड़ी रह गयी
बाग में यु खड़ी की खड़ी रह गयी
बोली दूसरी सखी ये सच है मगर
पर चमत्कार तो इतना नही जानकी
एक ही बाण में ताड़का जो गिरी
जो गिरी तो पड़ी की पड़ी रह गयी
राम देखे सिया को सिया राम को
चारो अखियाँ लड़ी की लड़ी रह गयी
बाग में यु खड़ी की खड़ी रह गयी
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