Ram Navami 2026 Date: राम नवमी कब है 26 या 27 मार्च, जानिए क्यों है दो दिनों का कन्फ्यूजन, पूजा कब?

Published : Mar 20, 2026, 02:06 PM ISTUpdated : Mar 21, 2026, 09:36 AM IST
Ram Navami Kab Hai 2026

सार

Ram Navami Kab Hai 2026: राम नवमी 2026 की तारीख को लेकर कन्फ्यूजन है कि 26 मार्च को है या 27 मार्च को। जानिए सही तारीख, पूजा का शुभ मुहूर्त, व्रत नियम और यह भी जान लें कि क्या इस बार रामनवमी दो दिन मनाई जाएगी। यदि हां तो राम नवमी 2026 पूजा करने का शुभ मुहूर्त कब है 26 मार्च को या 27 मार्च। जानिए पूरी डिटेल।

Ram Navami Date 2026: चैत्र नवरात्रि के बीच आने वाली राम नवमी को लेकर इस बार लोगों के बीच एक बड़ा सवाल बना हुआ है कि क्या 2026 में राम नवमी दो दिन मनाई जाएगी? 26 मार्च सही है या 27 मार्च? अगर आप भी इसी उलझन में हैं, तो यहां दूर करें अपना कन्फ्यूजन और जानिए इस बार रामनवमी 2026 दो दिन क्यों है और पूजा का सही मुहूर्त किस दिन है 26 मार्च को या 27 मार्च को।

रामनवमी 2026 कब है: आखिर क्यों है 26 और 27 मार्च दो तारीखों का कन्फ्यूजन?

राम नवमी हर साल चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है। लेकिन इस बार नवमी तिथि में बंटी है, जिससे भ्रम की स्थिति बन गई है। नवमी तिथि 26 मार्च को सुबह 11:48 बजे से शुरू हो रही है और 27 मार्च को सुबह तक जारी रहेगी यानी नवमी तिथि दोनों दिनों में पड़ रही है, इसलिए लोग कन्फ्यूज हो रहे हैं।

रामनवमी 2026 पूजा करने के लिए 26 या 27 मार्च कौन सा दिन सही?

धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीराम का जन्म मध्यान्ह काल (दोपहर) में हुआ था। इसलिए जिस दिन दोपहर में नवमी तिथि हो, वही दिन सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। 26 मार्च 2026 को दोपहर में नवमी तिथि मौजूद है। इसलिए यही दिन मुख्य राम नवमी के रूप में मनाया जाएगा।

क्या 27 मार्च को भी मनाई जाएगी राम नवमी?

हां, इस बार रामनवमी 2026, 26 और 27 मार्च दोनों दिन मनाई जाएगी। ऐसा इसलिए क्योंकि कुछ लोग पूजा और व्रत उदय तिथि (सूर्योदय के समय की तिथि) के आधार पर करते हैं। 27 मार्च की सुबह भी नवमी तिथि रहेगी, इसलिए कई श्रद्धालु इस दिन व्रत रख सकते हैं लेकिन शास्त्रों के अनुसार, राम जन्म का महत्व मध्यान्ह काल से जुड़ा है, इसलिए 26 मार्च को ही प्रमुख माना जाएगा।

राम नवमी 2026 पूजा का शुभ मुहूर्त

  • राम नवमी 2026 पूजा का समय: सुबह 11:13 बजे से दोपहर 1:41 बजे तक
  • राम जन्म (मध्यान्ह): दोपहर 12:27 बजे
  • इसी दौरान पूजा करना सबसे शुभ माना गया है।

कैसे करें रामनवमी पूजा?

  • सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लें।
  • भगवान राम-सीता की पूजा करें।
  • रामायण का पाठ या श्रवण करें।
  • मध्यान्ह में राम जन्म उत्सव मनाएं।
  • आरती कर प्रसाद वितरित करें।

रामनवमी का महत्व (Ram Navami Importance)

राम नवमी हिंदू धर्म का एक पवित्र पर्व है, जो श्री राम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। रामायण के अनुसार इस दिन अयोध्या में उनका जन्म हुआ था। यह पर्व हमें धर्म, सत्य और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। भगवान राम, जिन्हें “मर्यादा पुरुषोत्तम” कहा जाता है, आदर्श जीवन के प्रतीक हैं। इस दिन भक्त व्रत रखते हैं, पूजा करते हैं और रामायण का पाठ करते हैं, खासकर अयोध्या में विशेष उत्साह देखने को मिलता है। राम नवमी समाज में प्रेम, एकता और भक्ति का संदेश देती है और हमें सिखाती है कि हर परिस्थिति में सही मार्ग पर चलना ही सच्चा धर्म है।

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Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...
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