
1 November 2026 Shopping Muhurat: ज्योतिष विद्वानों के अनुसार जब रविवार को पुष्य नक्षत्र का संयोग होता है, तो इसे रवि पुष्य योग कहते हैं। ज्योतिष में पुष्य नक्षत्र को बहुत शुभ माना गया है। मान्यता है कि इस नक्षत्र में खरीदी गई चीजें लंबे समय तक सुख-समृद्धि देती हैं। यही वजह है कि इस दिन सोना-चांदी, गाड़ी, मकान, दुकान और दूसरी जरूरी चीजें खरीदना शुभ माना जाता है। इस बार रवि पुष्य योग दीपावली से कुछ दिन पहले बन रहा है। ऐसे में जो लोग त्योहार से पहले खरीदारी करना चाहते हैं, उनके लिए यह अच्छा मौका है। इस दिन खरीदारी के लिए कुल 6 शुभ मुहूर्त बताए गए हैं। इन समयों में अपनी सुविधा के अनुसार खरीदारी की जा सकती है। इन मुहूर्त की डिटेल इस प्रकार है-
ये भी पढ़ें-
Pushya Nakshatra 2026: कब है पुष्य नक्षत्र, इस दिन राशि अनुसार क्या खरीदें-कहां इन्वेस्टमेंट करने से बचें?
पहला मुहूर्त: सुबह 7 बजकर 59 मिनट से 9 बजकर 23 मिनट तक
दूसरा मुहूर्त: सुबह 9 बजकर 23 मिनट से 10 बजकर 46 मिनट तक
तीसरा मुहूर्त: दोपहर 11 बजकर 48 मिनट से 12 बजकर 32 मिनट तक
चौथा मुहूर्त: दोपहर 1 बजकर 34 मिनट से 2 बजकर 57 मिनट तक
पांचवां मुहूर्त: शाम 5 बजकर 44 मिनट से 7 बजकर 21 मिनट तक
छठा मुहूर्त: शाम 7 बजकर 21 मिनट से रात 8 बजकर 57 मिनट तक
ये भी पढ़ें-
Dhanteras 2026: धनतेरस पर बन रहा है दुर्लभ संयोग, एक ही दिन होगी शिव और मां लक्ष्मी की पूजा
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार रवि पुष्य योग में सोना-चांदी, नए गहने, चांदी के सिक्के और कीमती धातुएं खरीदना शुभ होता है। इसके अलावा इस दिन घर, जमीन, फ्लैट, दुकान या वाहन की खरीदारी और बुकिंग भी कर सकते हैं। व्यापारी इस दिन नई दुकान शुरू करने, कारोबार से जुड़े जरूरी फैसले लेने और नए बहीखाते खरीदने जैसे काम भी कर सकते हैं। घर के लिए बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक सामान और पूजा से जुड़ी चीजें खरीदना भी शुभ माना जाता है।
धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं में पुष्य नक्षत्र को सुख, समृद्धि और स्थिरता से जोड़कर देखा जाता है। रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित है। इसलिए रविवार और पुष्य नक्षत्र का मेल रवि पुष्य योग बनाता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए शुभ काम और खरीदारी से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। यही वजह है कि रवि पुष्य को खरीदी का महा मुहूर्त भी कहा जाता है।
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।
धार्मिक परंपराओं, मंदिरों, त्योहारों, यात्रा स्थलों और आध्यात्मिक ज्ञान से जुड़ी खबरें पढ़ें। पूजा पद्धति, पौराणिक कथाएं और व्रत-त्योहार अपडेट्स के लिए Religion News in Hindi सेक्शन देखें — आस्था और संस्कृति पर सटीक और प्रेरक जानकारी।