
Sunday Surya Puja Mantra: हिंदू धर्म में अनेक देवी-देवताओं की मान्यता है लेकिन इनमें से कुछ ही हमें दिखाई देते हैं। सूर्य देव भी इनमें से एक है। इतना ही नहीं वैदिक ग्रंथों में जिन पंचदेवों के बारे में बताया गया है, उनमें सूर्य देव भी एक हैं। वैसे तो सूर्यदेव की पूजा कभी भी की जा सकती है लेकिन रविवार को इनकी विशेष पूजा की जाती है। रविवार को सूर्यदेव की पूजा का महत्व ज्योतिष शास्त्र में भी बताया गया है। आगे जानिए रविवार को कैसे करें सूर्यदेव की पूजा, मंत्र व महत्व…
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विद्वानों के अनुसार एक दिन में 24 घंटे होते हैं। इन्हें ज्योतिष शास्त्र में होरा कहा गया है। प्रत्येक होरा का संबंध एक विशेष ग्रह से होता है। जो ग्रह दिन के पहले घंटे (सूर्योदय के समय) का स्वामी होता है, उसी के नाम पर उस दिन का नाम तय किया गया और उसी की पूजा उस दिन विशेष रूप से की जाती है। शनिवार के बाद अगले दिन (सूर्योदय) का 25वां घंटा सूर्यदेव की होरा में आता है। सूर्य का एक नाम रवि भी है, इसलिए रविवार को सूर्यदेव की पूजा विशेष रूप से की जाती है।
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रविवार के स्वामी सूर्यदेव हैं, इसलिए इस दिन उनकी विशेष पूजा का विधान बताया गया है। ज्योतिषियों की मानें तो सूर्यदेव की कृपा से व्यक्ति को आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, मान-सम्मान और सफलता मिलती है। जिन लोगों की कुंडली में सूर्य कमजोर होता है उन्हें रविवार को सूर्य पूजा करने की सलाह दी जाती है।
- रविवार की सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें। साफ कपड़े पहनकर सूर्यदेव की पूजा करें।
- तांबे के लोटे में जल, लाल फूल, चावल और थोड़ी-सी रोली मिलाकर सूर्यदेव को श्रद्धा से अर्घ्य दें।
- अर्घ्य देते समय सूर्य की किरणों की ओर मुख रखें। इसके बाद लाल फूल, गुड़ और गेहूं अर्पित करें।
- घी का दीपक जलाकर सूर्यदेव की आरती करें। पूजा के अंत में सूर्य मंत्र का जाप 11 बार करें।
- ऊं घृणिः सूर्याय नमः
- ऊं ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः
- नमः सूर्याय शान्ताय सर्वरोग निवारिणे।
आयुरारोग्यमैश्वर्यं देहि देवः जगत्पते।
- ऊं भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्।
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।
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