Aniruddha Chaturthi Vrat Katha: अनजाने में किए गए व्रत से कैसे मिला मोक्ष? पढ़ें अनिरुद्ध चतुर्थी व्रत की ये कथा

Published : Jul 17, 2026, 07:35 AM IST
Aniruddha Chaturthi Vrat Katha

सार

Varad Chaturthi July 2026: आषाढ़ शुक्ल चतुर्थी को अनिरुद्ध वरद चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। इस व्रत से जुड़ी कईं रोचक कथाएं हैं। इन्हें सुनने के बाद ही व्रत का पूरा फल मिलता है।

Ashadh Vinayak Chaturthi Vrat Katha: धर्म ग्रंथों के अनुसार आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को अनिरुद्ध वरद चतुर्थी और विनायकी चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। इस बार ये चतुर्थी व्रत 17 जुलाई, शुक्रवार को किया जाएगा। इस व्रत से जुड़ी एक रोचक कथा भी है, जिसे सुनने के बाद ही इसका पूरा फल मिलता है। आगे आप भी पढ़ें अनिरुद्ध वरद चतुर्थी की ये रोचक कथा…

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अनिरुद्ध वरद चतुर्थी की कथा

किसी समय वंग देश में एक बनिया अपने पूरे परिवार के साथ रहता था। उसका एक पुत्र था, जो बेहद दुष्ट और पापी था। वह जुआ खेलता, शराब पीता, हत्या और स्त्रियों के साथ अत्याचार जैसे घोर पाप करता था। उसके इस व्यवहार से तंग आकर उसके पिता ने उसे घर से निकाल दिया।

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एक बार षड़यंत्र करके पुत्र ने अपने पिता को ही जहर देकर मार दिया और उनका अंतिम संस्कार कर दिया। इसके बाद उसने अपनी मां से भी जबरन सारा धन छीन लिया। जब उसकी करतूतों की खबर पूरे राज्य में फैली, तो लोगों ने राजा से न्याय की मांग की।

राजा ने उस बनिए के पुत्र को अपने दरबार में बुलवाया और जांच-पड़ताल में दोषी पाने पर उसे मृत्युदंड देने का आदेश दे दिया। आदेश पाकर सैनिकों ने उसे सूली पर लटका दिया। संयोग से जिस दिन उसकी मृत्यु हुई उस दिन आषाढ़ शुक्ल पक्ष की वरदा चतुर्थी थी।

पूरे दिन उसे न अन्न मिला और न ही जल। इस तरह अनजाने में उसका निर्जल व्रत हो गया। शास्त्र के अनुसार, उसी व्रत के पुण्य और भगवान गणेश की कृपा से उसके सभी पाप नष्ट हो गए। मृत्यु के बाद उसे भगवान गणेश के दर्शन हुए और अंततः उसे परम गति प्राप्त हुई।

इस तरह जो व्यक्ति भूल से भी आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की अनिरुद्ध वरद चतुर्थी तिथि का व्रत करता है उसे अपने जीवन में हर तरह के सुख मिलते हैं और मृत्यु के बाद वह भगवान श्रीगणेश को प्रिय होता है। इस व्रत का महत्व और भी कईं धर्म ग्रंथों में बताया गया है।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

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