Aarti Rules after Puja: पूजा की आरती लेने के तुरंत बाद हाथ धोना चाहिए या नहीं? जानिए धार्मिक मान्यता, आरती लेने का सही तरीका और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
Rules of Taking Aarti: घर में पूजा हो, मंदिर का दर्शन हो या कोई बड़ा धार्मिक अनुष्ठान, आरती के बिना कोई भी पूजा पूरी नहीं मानी जाती है। भगवान की जय-जयकार के बाद जब आरती की थाली हमारे सामने आती है, तो हम दोनों हाथों से उसकी लौ को स्पर्श कर अपनी आंखों और सिर से लगाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि आरती लेने के ठीक बाद कई लोग तुरंत जाकर हाथ धो लेते हैं? अगर आप भी अनजाने में ऐसा करते हैं, तो क्या ये सही है। क्या ऐसा करने से आपकी पूरी पूजा और भक्ति के पुण्य को शून्य यानी बेअसर हो सकती है। आइए जानते हैं आरती लेने का सही नियम...
आरती लेने का मतलब क्या होता है?
जब भगवान की आरती होती है, तो कपूर और घी के दीपक की लौ में देवी-देवताओं की पॉजिटिव एनर्जी और आशीर्वाद समाहित हो जाता है। जब हम दीपक की लौ पर हाथ फेरकर अपने माथे और आंखों पर लगाते हैं, तो हम उस पवित्र ऊर्जा और भगवान के तेज को अपने शरीर में ग्रहण करते हैं। माना जाता है कि आरती लेने से मन शांत होता है, नकारात्मक विचार दूर होते हैं और शरीर में एक नई ऊर्जा का संचार होता है।
आरती के तुरंत बाद हाथ धोने से क्या होता है?
बहुत से लोग आरती लेने के बाद महसूस होने वाली हल्की सी गर्माहट, कपूर की खुशबू या कालिख के डर से तुरंत हाथ धोने चले जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं और हिंदू परंपराओं में इसे सही नहीं माना गया है। इसके पीछे के कुछ मुख्य कारण बताए गए हैं।
- पानी शुद्धता का प्रतीक है, लेकिन आरती के तुरंत बाद हाथ धोना ऐसा माना जाता है जैसे आपने भगवान से मिले वरदान और आशीर्वाद को पानी में बहा दिया।
- आरती की लौ से जो सकारात्मक आभामंडल आपके हाथों और शरीर में प्रवेश करता है, पानी डालते ही वो प्रभाव खत्म हो सकता है।
- भगवान की आरती की लौ कभी अशुद्ध नहीं होती। हाथ धोने का मतलब अनजाने में ये दिखाना हो जाता है कि आरती छूने से आपके हाथ गंदे हो गए हैं, जो कि आस्था के खिलाफ है।
क्या आरती के बाद हाथ धोने से पूजा बेअसर हो जाती है?
शास्त्रों के जानकार कहते हैं कि इसे सीधे तौर पर ऐसा नहीं समझना चाहिए कि हाथ धोते ही पूरी पूजा बेकार हो जाती है। पूजा में श्रद्धा, साफ मन और सही भावना को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाता है। आरती के बाद हाथ धोने को लेकर जो बातें कही जाती हैं, वे मुख्य रूप से धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं से जुड़ी हैं। इसलिए अगर किसी से गलती से आरती के बाद हाथ धुल गए हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। भगवान की पूजा को डर की बजाय श्रद्धा और अच्छे मन से करना ही सबसे जरूरी बात है।
आरती लेने का सही तरीका और नियम क्या है?
- हमेशा दोनों हाथों को मोड़कर आरती की लौ के ऊपर से घुमाएं और फिर हथेलियों को अपने सिर, चेहरे और आंखों पर लगाएं।
- आरती लेने के बाद कम से कम 15 से 20 मिनट तक हाथों पर पानी न डालें, ताकि वह सकारात्मक प्रभाव आपके अंदर बना रहे।
- अगर कपूर या बाती की हल्की कालिख लग भी जाए, तो उसे माथे पर तिलक के रूप में लगा लें, उसे गंदगी समझकर तुरंत धोने न दौड़ें।
- आरती लेते समय आंखें बंद करके भगवान को धन्यवाद कहें और अपने परिवार के कल्याण की प्रार्थना करें।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं, परंपराओं और प्रचलित धारणाओं पर आधारित है। अलग-अलग परिवार, क्षेत्र और पूजा पद्धति में नियम अलग हो सकते हैं। इसे किसी धार्मिक विशेषज्ञ की सलाह या अंतिम धार्मिक प्रमाण न मानें। पूजा से जुड़े नियमों के लिए अपने परिवार की परंपरा और संबंधित विद्वान की सलाह को ही प्राथमिकता दें।


