
Shardiya Navratri 2026 Maha Ashtami Navami Date: शारदीय नवरात्रि का पर्व 11 अक्टूबर से शुरू हो चुका है और 20 अक्टूबर को विजयादशमी के साथ इसका समापन होगा। नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस पर्व में महाष्टमी और महानवमी का खास महत्व है। इन दोनों दिनों में भक्त देवी की विशेष पूजा करते हैं। कई परिवारों में अष्टमी तो कई घरों में नवमी के दिन कन्या पूजन, हवन और कुलदेवी पूजन किया जाता है। इस बार इन तिथियों को लेकर लोगों के मन में कन्फ्यूजन है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. नलिन शर्मा से जानिए महाष्टमी और महानवमी की सही डेट क्या है…
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पंचांग के अनुसार, इस बार नवरात्रि की अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर, रविवार की सबह 08 बजकर 28 मिनिट से 19 अक्टूबर, सोमवार की सुबह 10 बजकर 52 मिनिट तक रहेगी। चूंकि अष्टमी तिथि 18 तारीख को पूरे दिन रहेगी इसलिए इसी दिन महाष्टमी से संबंधित सभी पूजा, उपाय, हवन आदि किए जाएंगे। इस दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा का विधान है। मां महागौरी को शांति, पवित्रता और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। महाष्टमी पर कई परिवारों में कन्या पूजन भी किया जाता है।
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शारदीय नवरात्रि की नवमी तिथि की बात करें तो ये 19 अक्टूबर, सोमवार की सुबह 10 बजकर 52 मिनिट से शुरू होगी जो 20 अक्टूबर, मंगलवार की दोपहर 12 बजकर 50 मिनिट तक रहेगी। चूंकि नवमी तिथि 19 तारीख को दिन भर रहेगी, इसलिए इसी दिन नवमी तिथि का व्रत किया जाएगा। इस दिन मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। कुछ स्थानों पर उदया तिथि को ध्यान में रखते हुए 20 अक्टूबर को भी नवमी तिथि का व्रत किया जाएगा।
इस बार अष्टमी और नवमी दोनों ही तिथि को लेकर लोगों में कन्फ्यूजन बना हुआ है। चूंकि इन दोनों ही तिथियों पर लोग कुलदेवी पूजन करते हैं इसलिए इनका विशेष महत्व है। इस बार इन दोनों तिथियों का संयोग 2 दिन बन रहा है जिसके चलते ये कन्फ्यूजन बना हुआ है। आप स्थानीय विद्वानों से भी इस बारे में पूछकर इन तिथियों का निर्धारण कर सकते हैं।
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इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।
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