शिवजी की अभय मुद्रा का राहुल गांधी ने लोकसभा में क्यों किया जिक्र? जानें इसका पूरा मतलब

Published : Jul 01, 2024, 02:58 PM ISTUpdated : Jul 01, 2024, 04:29 PM IST
rahul gandhi in loksabha

सार

Rahul Gandhi News: नेता प्रतिपक्ष चुने जाने के बाद से ही राहुल गांधी के तेवर बहुत आक्रामक नजर आ रहे हैं। 1 जुलाई, सोमवार को लोकसभा में उन्होंने संविधान बचाने की बात कही और साथ ही भगवान शिवजी के अभय मुद्रा वाली तस्वीर भी लहराई। 

Rahul Gandhi in Parliament: 1 जुलाई, सोमवार लोकसभा में कांग्रेस लीडर और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जोरदार भाषण दिया। उन्होंने संविधान की कॉपी हाथ में लेकर कहा कि ‘हमें इसकी रक्षा करनी है और देश ने मिलकर इसकी रक्षा की है। इस दौरान राहुल गांधी ने भगवान शिव की एक एक तस्वीर भी सदन में दिखाई। इस तस्वीर में महादेव अभय मुद्रा में दिखाई दे रहे थे। जानें लोकसभा में क्या कहा राहुल ने क्या शिवजी की इस तस्वीर का अर्थ…

ये कहा राहुल गांधी ने
राहुल गांधी ने अपने भाषण में शिवजी की अभय मुद्रा वाली तस्वीर दिखाते हुए कहा कि ‘शिव जी हमारी प्रेरणा है। उनके गले में सांप है। जिसका अर्थ है कि वे मृत्यु को अपने पास रखते हैं। शिवजी के बाएं हाथ में त्रिशूल भी है, लेकिन ये हिंसा का प्रतीक नहीं है। अगर त्रिशूल हिंसा का प्रतीक होता तो दाएं हाथ में होता।’

क्या है शिवजी की अभय मुद्रा का अर्थ?
अभय मुद्रा में शिवजी का एक हाथ वरदान स्वरूप दिखाया जाता है। जिसका अर्थ है सुरक्षा और भयमुक्त जीवन। भगवान शिव के नटराज रूप में उन्हें दाहिने हाथ से अभयमुद्रा बनाते हुए दर्शाया गया है। महादेव की अभय मुद्रा धर्म के नियमों का पालन करने वालों को बुराई और अज्ञानता दोनों से सुरक्षा प्रदान करता है।

शिवजी के हाथ में त्रिशूल का अर्थ?
शिवजी का त्रिशूल एक प्रलयंकारी शस्त्र है जिससे उन्होंने अनेक राक्षसों का वध किया है। त्रिशूल के तीन नुकीले सिरे होते हैं। ये तीन सिरे तीन प्रवृत्तियों के प्रतीक हैं- सत, रज और तम। त्रिशूल को अपने हाथ में रखकर महादेव ये बताते हैं कि इन तीनों गुणों पर हमारा पूरा नियंत्रण होना चाहिए। ऐसा न होने की स्थिति में हम जीवन की परेशानियों में फंस सकते हैं।


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