Dussehra 2025: कौन था रावण का बड़ा भाई, देवी सीता ने किया जिसका वध?

Published : Oct 02, 2025, 10:51 AM IST
Dussehra 2025

सार

Dussehra 2025: धर्म ग्रंथों के अनुसार रावण का एक बड़ा भी भाई था, जिसका नाम महारावण था। इसका वध स्वयं देवी सीता ने किया था। आनंद रामायण में इस कथा का वर्णन मिलता है।

Koun Tha Maharavan: इस बार दशहरा पर्व 2 अक्टूबर, गुरुवार को मनाया जा रहा है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया था। 10 सिरों वाले रावण का वर्णन वाल्मीकि रामायण और रामचरित मानस में मिलता है, जिसके बारे में सभी जानते हैं। लेकिन आनंद रामायण में 1 हजार सिर वाले महारावण की कथा का वर्णन है। इस महारावण का वध स्वयं देवी सीता ने किया था। आगे जानें कौन-था महारावण, कैसे हुआ उसका वध…

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कौन था रावण का बड़ा भाई?

आनंद रामायण के अनुसार, लंका में रावण का वध करने के बाद श्रीराम देवी सीता को अपने साथ लेकर अयोध्या आ गए। यहां ऋषि-मुनियों आदि ने भगवान श्रीराम के पराक्रम की खूब प्रशंसा की, ये देख देवी सीता को हंसी आ गई। श्रीराम ने जब इसका कारण पूछा तो देवी सीता ने बताया कि ‘ऋषि विश्रवा की पत्नी कैकसी के दो पुत्र थे। इन दोनों का ही नाम रावण था, इनमें से बड़े का नाम सहस्रवदन रावण है, उसके 1 हजार सिर हैं। दूसरा दशानन रावण था, जो लंका में रहता था, जिसका वध आपने किया है। हजार सिर वाला महारावण और ज्यादा भंयकर और शक्तिशाली है।’ ये बात सुनकर श्रीराम को आश्चर्य हुआ।

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देवी सीता ने किया महारावण का वध

जब श्रीराम को महारावण के बारे में पता चला तो वे उसका वध करने को तैयार हो गए और उससे युद्ध करने पहुंच गए। महारावण और श्रीराम के बीच भयंकर युद्ध हुआ। महारावण बहुत पराक्रमी था, उससे युद्ध करते-करते श्रीराम बेहोश हो गए। जब देवी सीता ने देखा कि श्रीराम के जीवन में संकट आ गया है तो उन्होंने भयंकर रूप धारण कर महारावण के सभी सिर काटकर उसका वध कर दिया। होश में आने पर भगवान श्रीराम ने एक हजार नामों से देवी सीता की स्तुति की।

आनंद रामायण में अनोखी कथाएं

हिंदू धर्म में भगवान श्रीराम से संबंधित अनेक ग्रंथ लिखे गए हैं, इनमें वाल्मीकि रामायण और रामचरित मानस सबसे श्रेष्ठ मानी गई है। हिंदी के अलावा और भी कईं भाषाओं में विद्वानों ने रामायण की रचना की गई है। इनमें से आनंद रामायण भी एक है। इसकी रचना 15वीं शताब्दी में की गई, लेकन इसके लेखक के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इस रामायण में कईं अद्भुत कथाओं का वर्णन मिलता है।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

 

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