जब भी किसी भगवान की पूजा की जाती है अंत में कपूर से आरती जरूरी की जाती है। ये हिंदू धर्म की एक परंपरा है। कपूर आरती के बिना पूजा पूरी नहीं मानी जाती।
हिंदू धर्म में अनेक मान्यताएं और परंपराएं हैं। इनमें से अधिकांश के पीछे कोई न कोई कारण जरूर छिपा होता है, लेकिन बहुत कम लोग इनके बारे में जानते हैं। पूजा के बाद कपूर से भगवान की आरती करने के पीछे एक नहीं कईं कारण छिपे हैं। मान्यता है कि पूजा के बाद कपूर आरती करने से देवी-देवता अति प्रसन्न होते हैं और पूजा करने वाले की हर इच्छा पूरी करते हैं। आगे जानिए पूजा के अंत में कपूर से आरती करने के महत्व…
महाशिवरात्रि पर करें 10 मिनिट का ये उपाय, बन जाएंगे बिगड़े काम
शास्त्रों के अनुसार देवी-देवताओं के सामने कपूर जलाने से अक्षय पुण्य प्राप्त होता है। जिस घर में नियमित रूप से कपूर जलाया जाता है, वहां पितृदोष या किसी भी प्रकार के ग्रह दोषों का असर नहीं होता है। कपूर जलाने से वातावरण पवित्र और सुगंधित होता है। ऐसे वातावरण से भगवान अति प्रसन्न होते हैं। कपूर के प्रभाव से घर का वातावरण सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है, इसकी महक से हमारे विचारों में भी सकारात्मकता आती है।
कपूर एक सुगंधित वस्तु है और इसे जलने पर कर्पूर की महक वातावरण में तेजी से फैल जाती है। इसकी महक से वातावरण में मौजूद कई सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते हैं, जो कि हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं। कर्पूर जलाने से वातावरण भी शुद्ध हो जाता है। यदि रात को कपूर जलाकर इसके थोड़ी देर बाद सोएंगे तो इसके कई फायदे मिलते हैं। इससे अनिद्रा की शिकायत दूर हो जाती है।
कर्पूरगौरम् करुणावतारम्, संसारसारम् भुजगेन्द्रहारम्।
सदा वसन्तम् हृदयारविन्दे, भवम् भवानि सहितम् नमामि।।
अर्थ-जो कर्पूर के समान गौर वर्ण वाले हैं, करुणा के अवतार हैं, समस्त संसार के एकमात्र सार हैं, जो भुजंग (सांप) की माला धारण किए रहते हैं। जो माता पार्वती के साथ ही, सभी भक्तों के कमल रूपी हृदय में सदैव निवास करते हैं, उन महादेव की हम वंदना करते हैं, आराधना करते हैं, उन्हें नमन करते हैं।
ये भी पढ़ें-
Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि पूजा में क्या-क्या सामग्री चाहिए? नोट करें हर एक सामान
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य से जानें, भगवान शिव को पूजा में कौन-सी चीजें न चढ़ाएं?
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो ज्योतिषियों द्वारा बताई गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।