2 टुकड़ों से पैदा हुआ ये राजा, कंस से था खास कनेक्शन, भीम ने दी भयानक मौत

Published : Sep 22, 2024, 09:00 AM IST
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सार

Interesting facts about Mahabharata: महाभारत में एक से बढ़कर एक महारथी योद्धाओं के बारे मे बताया गया है। ऐसा ही एक योद्धा था जरासंध। जरासंध का जन्म 2 स्त्री के गर्भ से हुआ था, जिसे बाद में एक राक्षसी ने जोड़ दिया था। 

Interesting facts about Jarasandh: महाभारत में जरासंध नाम के एक महारथी योद्धा का भी जिक्र है। जरासंध मगध देश का राजा और कंस का ससुर था। जरासंध बहुत बलशाली था। भगवान श्रीकृष्ण ने अनेक बार जरासंध को युद्ध भूमि में पराजित किया लेकिन मारा नहीं। जरासंध ने भीम के साथ लगातार 13 दिन तक मल्ल युद्ध यानी कुश्ती की थी। आगे जानिए जरासंध से जुड़ी खास बातें…

ऐसे हुआ था जरासंध का जन्म
मगधदेश के राजा की दो पत्नियां थीं, लेकिन उनकी कोई संतान नहीं थी। एक दिन एक ऋषि ने राजा को फल दिया और कहा ‘इसे अपनी पत्नी को खिला देना।’ राजा ने वो फल आधा-आधा काटकर अपनी दोनों पत्नियों को खिला दिया। समय आने पर दोनों रानियों ने आधे-आधे पुत्र को जन्म दिया। रानियों ने शिशु के उन दोनों टुकड़ों को महल से बाहर फिकवा दिया। उसी समय जंगल से जरा नाम की राक्षसी निकल रही थी। उसे शिशु को उन दोनों टुकड़ों को जोड़ दिया, जिससे उस नवजात बालक का शरीर पूर्ण हो गया। वो शिशु जोर-जोर से रोने लगा। बच्चे के रोने की आवाज सुनकर रानी और राजा वहां आ गए। राक्षसी जरा ने राजा को सारी बात सच-सच बता दी। जरा नाम की राक्षसी द्वारा जोड़े जाने के कारण राजा ने उस बालक का नाम जरासंध रख दिया।

देना चाहता था 100 राजाओं की बलि
जरासंध मथुरा के राजा कंस का ससुर था। जरासंध ने अपनी दोनों पुत्रियों का विवाह कंस से ही करवाया था। कंस का वध करने के कारण जरासंध श्रीकृष्ण को अपना शत्रु मानता था। राजा जरासंध चक्रवर्ती सम्राट बनने के लिए 100 राजाओं को बलि देना चाहता था। इसके लिए उसने अनेक राजाओं को बंदी भी बना लिया था लेकिन उसकी ये इच्छा अधूरी रह गई।

भीम ने कर दिए थे 2 टुकड़े
जरासंध का वध करने के लिए श्रीकृष्ण, भीम व अर्जुन ब्राह्मण का वेष बनाकर उसके पास ब्राह्मण के वेष में गए और उसे कुश्ती के लिए ललकारा। जरासंध ने भीम से कुश्ती करने का निर्णय लिया। जरासंध और भीम का युद्ध लगातार 13 दिन तक चलता रहा। चौदहवे दिन भीम ने श्रीकृष्ण का इशारा समझ कर जरासंध के शरीर के दो टुकड़े कर दिए और इस तरह उसका अंत हो गया।

राजाओं को कर दिया मुक्त
जरासंध का वध करने के बाद भगवान श्रीकृष्ण ने उसकी कैद के सभी राजाओं को आजाद कर दिया। जरासंध के बेटे का नाम सहदेव था। उसने श्रीकृष्ण से अपने पिता के किए पर क्षमा मांगी। श्रीकृष्ण ने भी उसे क्षमा कर दिया और मगध देश का राजा बना दिया।


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