Diwali 2025 Date: 2 दिन रहेगी कार्तिक अमावस्या, कब मनाएं दिवाली-कब करें पितरों का तर्पण?

Published : Oct 07, 2025, 04:03 PM IST
Diwali 2025 Date

सार

Diwali 2025 Date: इस बार कार्तिक मास की अमावस्या तिथि 2 दिन रहेगी। इनमें से एक दिन दिवाली पर्व मनाया जाएगा, वहीं दूसरे दिन पितरों की शांति के लिए तर्पण किया जाएगा।

Kab Hai Diwali 2025: धर्म ग्रंथों में कार्तिक मास की अमावस्या का विशेष महत्व बताया गया है। इस तिथि पर दिवाली पर्व मनाया जाता है वहीं पितरों की शांति के लिए तर्पण-श्राद्ध आदि भी किया जाता है। इस बार कार्तिक मास की अमावस्या 2 दिन रहेगी। इनमें से एक दिन दिवाली पर्व मनाया जाएगा, वहीं दूसरे दिन पितरों की शांति के लिए श्राद्ध आदि करना शुभ रहेगा। आगे जानिए कार्तिक अमावस्या से जुड़ी खास बातें और दिवाली 2025 की सही डेट…

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कब से कब तक रहेगी कार्तिक अमावस्या 2025?

पंचांग के अनुसार इस बार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 20 अक्टूबर, सोमवार की दोपहर 03 बजकर 45 मिनिट से शुरू होगी जो 21 अक्टूबर, मंगलवार की शाम 05 बजकर 54 मिनिट तक रहेगी। इस तरह कार्तिक अमावस्या तिथि का संयोग 1 नहीं बल्कि 2 दिन रहेगा।

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कब मनाएं दिवाली 2025?

काशी, उज्जैन आदि के ज्योतिषियों के अनुसार, दिवाली पर देवी लक्ष्मी की पूजा प्रदोष काल यानी शाम को करनी चाहिए। कार्तिक अमावस्या तिथि पर प्रदोष काल की ये स्थिति 20 अक्टूबर को बन रही है। इसलिए इसी दिन दिवाली उत्सव मनाया जाएगा। निर्णय सिंधु और धर्म सिंधु ग्रंथ की मानें तो जब 2 दिन कार्तिक अमावस्या की स्थिति बने तो दिवाली उसी दिन मनानी चाहिए जब शाम और रात्रि में अमावस्या का संयोग हो। इस दृष्टि से भी 20 अक्टूबर, सोमवार को ही लक्ष्मी पूजन करना श्रेष्ठ रहेगा।

कार्तिक अमावस्या पर कब करें पितरों का तर्पण?

पंचांग के अनुसार, 21 अक्टूबर, मंगलवार को उदया तिथि कार्तिक अमावस्या रहेगी जो शाम को 05 बजकर 54 मिनिट तक रहेगी। श्राद्ध-तर्पण आदि पितृ संबंधित कार्य दोपहर 12 बजे से पहले अमावस्या तिथि में कर लेना चाहिए। इस दृष्टि से 21 अक्टूबर, मंगलवर का दिन पितृ कार्य जैसे श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान आदि के लिए श्रेष्ठ रहेगा।

6 दिनों का रहेगा दिवाली उत्सव

इस बार कार्तिक मास की अमावस्या तिथि 2 दिन रहेगा दिवाली उत्सव 5 नहीं बल्कि 6 दिनों का रहेगा। 6 दिनों तक चलने वाले इस उत्सव की शुरूआत 18 अक्टूबर को धनतेरस से होगी। इसके बाद 19 अक्टूबर को रूप चतुर्दशी, 20 अक्टूबर को दिवाली, 21 अक्टूबर को स्नान-दान अमावस्या, 22 अक्टूबर को गोवर्धन पूजा और 23 अक्टूबर को भाई दूज रहेगी।

Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

 

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