Diwali 2025: इस बार दिवाली 20 अक्टूबर, सोमवार को मनाई जाएगी। इस दिन देवी लक्ष्मी की पूजा विशेष रूप से की जाती है। पूजन के लिए देवी लक्ष्मी की तस्वीर कैसी होनी चाहिए, इस बात का भी खास ध्यान रखें।

Kab Hai Diwali 2025: हर साल कार्तिक मास की अमावस्या तिथि पर दिवाली पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 20 अक्टूबर, सोमवार को मनाया जाएगा। दिवाली पर्व पर देवी लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और खुशाहली बनी रहती है, ऐसी मान्यता है। देवी लक्ष्मी की अनेक तरह की तस्वीरें व मूर्तियां बाजार में मिलती है। इनमें से कौन-सी तस्वीर शुभ फल देने वाली होती है और कैसी नहीं? इसके बारे में भी धर्म ग्रंथों में बताया गया है। आगे जानिए दिवाली पर देवी लक्ष्मी की कैसी तस्वीर की पूजा करें और कैसी नहीं…

ये भी पढ़ें-
Karwa Chauth 2025: सरगी के बिना अधूरा है करवा चौथ, जानें इसमें क्या-क्या होना जरूरी है

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

देवी लक्ष्मी की कैसी तस्वीर की पूजा न करें?

विद्वानों के अनुसार, देवी लक्ष्मी के अनेक वाहन हैं, उल्लू भी इनमें से एक है। लेकिन दिवाली पर उल्लू पर बैठी देवी लक्ष्मी की पूजा नहीं करनी चाहिए। ऐसा करना ठीक नहीं माना जाता। मान्यता है कि उल्लू पर बैठी देवी लक्ष्मी की तस्वीर दिवाली पूजन के लिए ठीक नहीं होती क्योंकि उल्लू रात्रिचर पक्षी हैं और ये शुभ प्राणियों की सूची में भी नहीं आता।

ये भी पढ़ें-
Pushya Nakshatra 2025: दिवाली से पहले कब है पुष्य नक्षत्र? जानें सही डेट

दिवाली देवी लक्ष्मी की कैसी तस्वीर की पूजा करें?

दीपावली पर हाथी पर बैठी देवी लक्ष्मी की पूजा बहुत शुभ मानी गई है। देवी के इस रूप को गजलक्ष्मी कहते हैं। देवी का वाहन हाथी बहुत ही खास माना गया है क्योंकि ये एक सामाजिक प्राणी है और भगवान श्रीगणेश का मुख भी हाथी है, इसलिए मान्यता है कि देवी लक्ष्मी की हाथी पर बैठी तस्वीर की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि, बनी रहती है।

सुख-समृद्धि देती है देवी लक्ष्मी की ऐसी तस्वीर

जिस तस्वीर में देवी लक्ष्मी भगवान विष्णु के पैरों दबा रही हों, वो भी बहुत शुभ मानी गई है। ऐसी तस्वीर की पूजा करने से भी घर से निगेटिविटी दूर होती है और पति-पत्नी में सामंजस्य बना रहता है। इसी क्रम में कमल के आसन पर बैठी हुई तस्वीर भी शुभ मानी गई है। ऐसी तस्वीर की पूजा करने से मां लक्ष्मी हमेशा घर में निवास करती है और बरकत बढ़ाती है।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।