देवी काली की घर में कैसी प्रतिमा रखना चाहिए, जानिए क्या कहता है वास्तु शास्त्र?

Published : Sep 27, 2025, 11:53 PM IST
Maa Kali idol at home

सार

क्या घर में देवी काली की मूर्ति रखना शुभ है या इसके नकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं? धार्मिक ग्रंथों और तंत्र परंपराओं में देवी काली की शक्ति और उनके उग्र स्वरूप का वर्णन तो मिलता है, लेकिन घर में इसे स्थापित करने के स्पष्ट निर्देश नहीं दिए गए हैं। 

Maa Kali Idol at Home: देवी भागवत और कालिका पुराण जैसे ग्रंथों में मां काली को एक शक्तिशाली और उग्र रूप वाली देवी के रूप में वर्णित किया गया है। ये ग्रंथ उनके स्वरूप, पूजा और शक्ति का विस्तृत वर्णन प्रदान करते हैं। हालांकि, घर में मूर्ति रखनी चाहिए या नहीं, इस बारे में कोई स्पष्ट दिशानिर्देश नहीं हैं। अधिकांश विवरण उनके शक्ति रूप, विनाशकारी और सुरक्षात्मक गुणों पर केंद्रित हैं।

तांत्रिक और शक्ति परंपराएं

तंत्र और शक्ति पूजा ग्रंथों में कहा गया है कि मां काली के कुछ उग्र रूपों की पूजा विशेष अनुष्ठानों के साथ और एक प्रशिक्षित पुजारी/गुरु की देखरेख में की जाती है। ये ग्रंथ घर में ऐसे रूपों को स्थापित करने या उनकी पूजा करने के निर्देश नहीं देते हैं। इसलिए, यदि मूर्ति स्थापित की जाती है, तो पूजा की विधि, समय और विधि का पालन करना आवश्यक है।

वास्तु शास्त्र का दृष्टिकोण

वास्तु शास्त्र में कहा गया है कि प्रार्थना कक्ष में देवी-देवताओं की मूर्तियां शांति और सकारात्मक ऊर्जा लाती हैं। कुछ विशेषज्ञों के अनुसार, बिना उचित दिशा और अनुष्ठान के घर में देवी काली के उग्र रूप जैसी भयंकर या भयावह मूर्तियों की स्थापना ऊर्जा संतुलन को बिगाड़ सकती है। वास्तु के अनुसार, मूर्ति को पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में रखना शुभ माना जाता है। मूर्ति को जमीन से ऊपर और साफ जगह पर रखना चाहिए। मूर्ति बहुत बड़ी नहीं होनी चाहिए; घर के लिए छोटी मूर्तियां उपयुक्त मानी जाती हैं। ये सभी सुझाव पारंपरिक वास्तु और घरेलू पूजा पद्धतियों पर आधारित हैं।

लोक मान्यताएं और धार्मिक प्रथाएं

कुछ धार्मिक परंपराओं का मानना ​​है कि अगर देवी काली की मूर्ति का नियमित रूप से सम्मान और पूजा नहीं की जाती है, तो इससे घर में नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, भक्तों के अनुभव बताते हैं कि उचित पूजा और साफ-सफ़ाई से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। कई धार्मिक ग्रंथों में भी उल्लेख है कि देवी की मूर्तियों को हमेशा साफ, सुरक्षित और सम्मानजनक स्थान पर रखना चाहिए। टूटी या क्षतिग्रस्त मूर्तियों को रखने से बचने की सलाह दी जाती है।

शास्त्रों और परंपराओं का सार

  • शास्त्रों में देवी काली की महिमा, शक्ति और रूप का वर्णन है; मूर्ति की स्थापना कैसे करें, इस बारे में कोई स्पष्ट निर्देश नहीं हैं।
  • तंत्र ग्रंथों में कहा गया है कि कुछ रूपों के लिए विशिष्ट अनुष्ठानों और गुरु के मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है।
  • वास्तु और पूजा परंपराएं: मूर्ति की सही स्थापना, दिशा, आकार और विधि महत्वपूर्ण हैं।
  • लोकप्रिय मान्यताएं: केवल उचित पूजा और सम्मानजनक रखरखाव ही घर में सकारात्मक प्रभाव ला सकता है।

इस विषय पर उपलब्ध शास्त्रीय, तांत्रिक और वास्तु संबंधी दस्तावेजों के अनुसार, देवी काली की मूर्ति को घर में रखा जा सकता है, बशर्ते उसे उचित, सम्मानपूर्वक और सही दिशा में स्थापित किया जाए। शास्त्रों में स्पष्ट रूप से यह परिभाषित नहीं किया गया है कि इसे कहां रखा जाए या कहां रखा जाए; इसके बजाय, परंपराएं और वास्तु सलाह यह निर्देश देती हैं कि उग्र रूपों वाली मूर्तियों के साथ सावधानी बरतनी चाहिए।

Disclaimer: इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

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