Gupt Navratri 2026: माघ मास में गुप्त नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व साल 2026 के पहले महीने जनवरी में मनाया जाएगा। गुप्त नवरात्रि में गुप्त शक्तियों जैसे महाकाली, भूत-प्रेत आदि की साधना की जाती है।
Gupt Navratri 2026 Date:धर्म ग्रंथों के अनुसार एक साल में कुल 4 नवरात्रि मनाई जाती है। इनमें से 2 गुप्त नवरात्रि होती है और 2 प्रकट। हिंदू कैलेंडर के 11 महीने माघ में गुप्त नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। इस बार गुप्त नवरात्रि का संयोग जनवरी 2026 में बन रहा है। गुप्त नवरात्रि के दौरान बसंत पंचमी, रथ सप्तमी आदि पर्व भी मनाए जाते हैं। गुप्त नवरात्रि में साधक गुप्त शक्तियों जैसे महाकाली, शूलवाहिनी, शवरुढ़ा आदि की पूजा करते हैं। आगे जानिए इस बार माघ मास की गुप्त नवरात्रि कब से शुरू होगी…
पंचांग के अनुसार, माघ मास की गुप्त नवरात्रि माघ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवमी तक मनाई जाती है। इस बार माघी अमावस्या 18 जनवरी, रविवार को रहेगी। इसके अगले दिन से यानी 19 जनवरी से माघ शुक्ल पक्ष की शुरूआत होगी। इसी दिन से माघी गुप्त नवरात्रि शुरू होगी जो 27 जनवरी, मंगलवार तक मनाई जाएगी।
माघी गुप्त नवरात्रि में कईं प्रमुख त्योहार मनाए जाते हैं। इस दौरान 22 जनवरी, गुरुवार को तिलकुंद चतुर्थी का व्रत किया जाएगा, जिसे वरद चतुर्थी भी कहते हैं। इसके बाद 23 जनवरी, शुक्रवार को बसंत पंचमी रहेगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन देवी सरस्वती प्रकट हुई थीं। 25 जनवरी, रविवार को रथ सप्तमी जिसे अचला सप्तमी भी कहते हैं का पर्व रहेगा। 26 जनवरी, सोमवार को भीष्म अष्टमी और 27 जनवरी को मंगलवार को महानंदा नवमी का पर्व मनाया जाएगा।
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क्यों खास है गुप्त नवरात्रि?
गुप्त नवरात्रि प्रकट नवरात्रि से बिल्कुल अलग होती है। ये नवरात्रि आम लोगों के लिए नहीं बल्कि तंत्र साधकों के लिए विशेष मानी गई है क्योंकि इस नवरात्रि में तांत्रिक तामसिक पद्धति से माता की आराधना करते हैं। तामसिक चीजों से पंच मकार आते हैं। इन पंच मकारों में मद्य (मदिरा), मांस (मांस), मत्स्य (मछली), मुद्रा (अनाज) और मैथुन (संभोग) शामिल हैं।
Disclaimer इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।