Palmistry: कहीं आप भी तो नहीं होने वाले ‘अकाल मृत्यु’ का शिकार, जान सकते हैं हथेली की इस रेखा से

Published : Mar 04, 2023, 03:40 PM ISTUpdated : Mar 04, 2023, 03:51 PM IST

Palmistry: हस्तरेखा शास्त्र में हथेली की हर रेखा का बारीकी से अध्य्यन किया जाता है। हथेली की सबसे महत्वपूर्ण रेखा जीवन रेखा को माना जाता है। यही रेखा हमारे जीवन के उतार-चढ़ाव और मृत्यु के बारे में भी बताती है। 

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जीवनरेखा से जानें लाइफ की खास बातें...

हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, हमारी हथेली की हर रेखा जीवन के विभिन्न क्षेत्रों के बारे में शुभ-अशुभ संकेत देती है। जीवन रेखा हमारे जीवन के उतार-चढ़ाव के साथ-साथ मृत्यु के बारे में भी संकेत करती है। ये रेखा हमारे हाथ के अंगूठे व तर्जनी के मध्य, बृहस्पति पर्वत के नीचे से शुरू होकर शुक्र पर्वत को अर्ध गोलाकार रूप से घेरती हुई हथेली के अंत पर जाकर समाप्त होती है। एशियानेट हिंदी ने अपने पाठकों के लिए हस्तरेखा (know future from palm line) की एक सीरीज शुरू की है, हस्तरेखा से जानें भविष्य। इस सीरीज के अंतर्गत पहले हम आपको हथेली के प्रकार, अंगूठे व नाखून के आकार-प्रकार, हथेली पर स्थिति पर्वतों के बारे में बता चुके हैं। आज हम आपको जीवन रेखा के बारे में बताएंगे, जिसे Life Line कहा जाता है…
 

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खंडित जीवन रेखा

जीवन रेखा जब कई स्थानों पर टूटी-फूटी हो तो इसे खंडित जीवन रेखा कहते हैं। ऐसी रेखा जिसके हाथ में होती है उसे अपने जीवन के शुरूआत 12 सालों तक कई तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ता है। जब यह खण्ड रेखा स्पष्ट दिखाई देती है तो 35 साल की आयु में व्यक्ति किसी गंभीर बीमार से ग्रसित हो जाता है और ये बीमारी तीन साल तक रहती है।

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द्वीपयुक्त जीवनरेखा

जिस व्यक्ति की हथेली में द्वीपयुक्त रेखा होती है, उसे अपने जीवन में कई गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ता है। इस रेखा के बीच में जहां द्वीप की आकृति बनती है, वहीं से गड़बड़ी की शुरुआत हो जाती है। लेकिन जब यह रेखा वापस सीधी चलने लगे तो व्यक्ति के जीवन का खतरा कम होकर स्वास्थ्य लाभ होना शुरू हो जाता है। इस प्रकार ये द्वीप हथेली में कहीं भी हों अशुभ ही होते हैं।

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द्वीपशृंखला युक्त जीवनरेखा

यदि जीवन रेखा पर लगातार द्वीपाकृति हो तो ऐसा व्यक्ति लगातार बीमार रहता है।। इस प्रकार की शृंखलाकार द्वीप रेखा का यदि पहला द्वीप छोटा हो तथा बाद में द्वीप की आकृति बड़ी होती चली जाये तो समझें कि बीमारी या उत्पन्न गड़बड़ी बढ़ती ही चली जाएगी। यदि पहला द्वीप बड़ा हो एवं बाद के द्वीप छोटे-छोटे हो तो समझें कि बीमारी घटती चली जाएगी। कई द्वीप धब्बों की आकृति में ही बिन्दु से कुछ बडे़ होते है, ऐसे में व्यक्ति को पुराना या परम्परागत रोग होता है।

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बहुशाखी जीवनरेखा 

जिस व्यक्ति की जीवन रेखा अंत में जाकर कई शाखाओं में बंट जाती है, उसे अकाल मृत्यु के योग बनते हैं। जीवन रेखा पर ऐसे चिह्न आमतौर पर 60 या 65 वर्ष की आयु में देखे जाते हैं। यदि इस प्रकार की रेखा छोटी हो अर्थात जीवन रेखा अपने प्रारंभ में ही बहुशाखी हो जाये तो यह छोटी आयु में ही अकाल मृत्यु की सूचना देती है। पुराने हस्तरेखाविद् इस रेखा को वृद्धावस्था में दरिद्रता रेखा के नाम से भी पुकारते थे।
 

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जीवनरेखा पर धब्बे या निशान

जीवनरेखा पर धब्बे या निशान हो तो ये किसी गंभीर बीमारी या दुर्घटना के बारे में सूचना देते हैं। ये निशान भी कई रंग के होतें हैं। रंगों के प्रभाव से भी सही स्थिति का पता चलता है। सफेद निशान नुकसानरहित होते हैं, जबकि लाल निशान जितना गहरा होगा दोष भी उतना ही गहरा और गम्भीर होगा। हर हालत में जीवन रेखा पर बने धब्बे अशुभ ही होते है तथा सीधे तौर पर ये बीमारी या दुर्घटना से संबंध रखते हैं।

लेखक परिचय
राजेन्द्र गुप्ता ज्योतिष जगत में एक जाना-पहचाना नाम है। आप वर्तमान में अजमेर (राजस्थान) में रहकर हस्तरेखा विषय पर निरंतर शोधपरक कार्य कर रहे हैं। आपने एम.ए. दर्शनशास्त्र में स्वर्णपदक प्राप्त किया है। साथ ही इतिहास और राजनीति शास्त्र विषयों पर भी आपने एम. ए. किया है। साहित्यागार प्रकाशन जयपुर से हिंदी व्याकरण पर आपकी तीन पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। रेडियो-टीवी पर भी आपकी कई खोजपरक रिपोर्ट और वार्ताएं प्रसारित हो चुकी हैं।


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