Palmistry: हस्तरेखा ज्योतिष के अंतर्गत कई रेखाओं का अध्ययन किया जाता है, मस्तिष्क रेखा भी इनमें से एक है। ये रेखा हमारी मनोस्थिति के बारे में दर्शाती है। कई बार ये शुभ फल देती है तो कई बार अशुभ।
उज्जैन. मस्तिष्क रेखा भी हथेली की प्रमुख रेखाओं में से एक है। कई बार ये रेखा शुभ स्थिति में होती है तो शुभ फल प्रदान करती है और कई अशुभ स्थिति में होती है तो अशुभ फल देती है। मनुष्य का सकारात्मक चिन्तन, नकारात्मक सोच, उसकी संकल्प शक्ति, मानसिक विकृति तथा मानसिक रोगों का पता इसी रेखा के माध्यम से चलता है। मनुष्य की स्मरणशक्ति एवं कल्पना शक्ति का आधारस्तंभ यही मस्तिष्क रेखा है। एशियानेट हिंदी ने अपने पाठकों के लिए हस्तरेखा (know future from palm line) की एक सीरीज शुरू की है, हस्तरेखा से जानें भविष्य। इस सीरीज के अंतर्गत पहले हम आपको जीवनरेखा से जुड़ी कई खास बातें पहले बता चुके हैं। आज हम आपको मस्तिष्क रेखा से जुड़ी कुछ खास बातें बता रहे हैं…
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नेरो माइंड होता है ऐसा व्यक्ति
जिस व्यक्ति की हथेली में मस्तिष्क रेखा छोटी होती है वो नेरो माइंड होता है यानी उसके सोचने-समझने की शक्ति अपेक्षाकृत कम होती है। यही मानसिकता इसे जीवन में आगे बढ़ने से रोकती है। जिसके हाथ में मस्तिष्क और जीवन रेखा दोनों ही छोटी है, उसकी मृत्यु किसी दुर्घटना में होने की आशंका रहती है।
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मस्तिष्क रेखा के अंत में हो सितारा
जिस व्यक्ति की हथेली पर मस्तिष्क रेखा का अंत सितारे जैसे निशान पर आकर खत्म होता है, उसकी मृत्यु अचानक होती है। ऐसे लोग किसी घटना-दुर्घटना का शिकार होते हैं या फिर ऐसी किसी बीमारी से इनकी मौत होती है जो अचानक प्राण ले लेती है जैसे हार्ट अटैक। सितारा दुर्घटना का चरमोत्कर्ष बिन्दु होता है।
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ये निशान भी देते हैं मौत के संकेत
यदि छोटी मस्तिष्क रेखा एवं छोटी जीवन रेखा दोनों का अंत सितारे के निशान पर हो तो विश्वासपूर्वक मृत्यु की भविष्यवाणी की जा सकती है, लेकिन यदि यह स्थिति बाएं हाथ में हो तो मृत्यु की सम्भावना अभिव्यक्त की जा सकती है। यह निशान दायें हाथ पर हो तो वह घटना निश्चित रूप से घटित होगी ही यह दावे के साथ कहा जा सकता है। जितना बड़ा सितारा हो उतनी ही बड़ी दुर्घटना होगी।
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मस्तिष्क रेखा के अंत में क्रॉस
मस्तिष्क एवं लघु जीवन रेखा के अन्त पर सितारे की जगह यदि क्रॉस दिखलाई पडे़ तो इसका स्पष्ट संकेत है कि मस्तिष्क व जीवन का विद्युत प्रवाह रुक रहा है या रुक जायेगा। यह मृत्यु का ही दूसरा स्वरूप है परन्तु सितारे के बारे में यह घोषणा ज्यादा निश्चयपूर्वक की जा सकती है। ऐसे मामलों में रेखाओं के रंग के साथ-साथ व्यक्ति के हाथ के प्रकार को भी देखना चाहिए।
लेखक परिचय राजेन्द्र गुप्ता ज्योतिष जगत में एक जाना-पहचाना नाम है। आप वर्तमान में अजमेर (राजस्थान) में रहकर हस्तरेखा विषय पर निरंतर शोधपरक कार्य कर रहे हैं। आपने एम.ए. दर्शनशास्त्र में स्वर्णपदक प्राप्त किया है। साथ ही इतिहास और राजनीति शास्त्र विषयों पर भी आपने एम. ए. किया है। साहित्यागार प्रकाशन जयपुर से हिंदी व्याकरण पर आपकी तीन पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। रेडियो-टीवी पर भी आपकी कई खोजपरक रिपोर्ट और वार्ताएं प्रसारित हो चुकी हैं।
Disclaimer : इस आर्टिकल में जो भी जानकारी दी गई है, वो ज्योतिषियों, पंचांग, धर्म ग्रंथों और मान्यताओं पर आधारित हैं। इन जानकारियों को आप तक पहुंचाने का हम सिर्फ एक माध्यम हैं। यूजर्स से निवेदन है कि वो इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें। आर्टिकल पर भरोसा करके अगर आप कुछ उपाय या अन्य कोई कार्य करना चाहते हैं तो इसके लिए आप स्वतः जिम्मेदार होंगे। हम इसके लिए उत्तरदायी नहीं होंगे।
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