Papmochani Ekadashi 2023: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है। इस तिथि को सभी तिथियों से श्रेष्ठ माना गया है। इस दिन किए गए व्रत-उपवास का फल कई गुना होकर मिलता है। कुछ खास एकादशी तिथि पर करने की मनाही है।
इस बार 18 मार्च, शनिवार को पापमोचनी एकादशी (Papmochani Ekadashi 2023) का व्रत किया जाएगा। एकादशी तिथि का महत्व अनेक धर्म ग्रंथों में बताया गया है। इस दिन जो भी व्यक्ति पूजा-पाठ, स्नान-दान व अन्य उपाय करता है, उसका फल कई गुना होकर प्राप्त होता है, ऐसा धर्म ग्रंथों में बताया गया है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी के अनुसार, एकादशी पर कुछ खास काम भूलकर भी नहीं करने चाहिए, नहीं तो इसका अशुभ परिणाम भविष्य में भुगतना पड़ सकता है। आगे जानिए वो कौन-से काम हैं…
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तामसिक भोजन न करें
एकादशी तिथि पर पूरी तरह से सात्विक भोजन करना चाहिए। तामसिक भोजन भूलकर भी न करें। तामसिक भोजन से अर्थ है मांसाहार और प्याज-लहसुन युक्त अन्य कोई सब्जी। इसके पीछे कारण है कि तामसिक भोजन से मन में उत्तेजना पैदा होती है, जो कि ठीक नहीं है। इसलिए एकादशी तिथि पर ऐसा भोजन करने से बचना चाहिए।
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नशा न करें
एकादशी तिथि भगवान की भक्ति के लिए बनाई गई है, इसलिए इस दिन किसी भी तरह का नशा जैसे- शराब, भांग, गांजा आदि का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए। इस तरह के नशे में जीवन को गलत दिशा की ओर ले जाते हैं और इसका दुष्परिणाम पूरे परिवार को भुगतना पड़ सकता है। इसलिए एकादशी तिथि पर नशे से दूर रहना चाहिए।
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मन-वचन-कर्म से शुद्ध रहें
धर्म ग्रंथों के अनुसार, मनुष्य कोई भी बुरा काम मन-वचन और कर्म से करता है। यानी किसी के बारे में बुरा सोचकर, किसी के विरुद्ध बुरा बोलकर और किसी के साथ बुरा करके। एकादशी तिथि पर इन सभी कामों से दूर रहना चाहिए। यानी किसी भी रूप में किसी का अहित करने के बारे में सोचना भी नहीं चाहिए।
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ब्रह्मचर्य का पालन करें
एकादशी तिथि पर पूरी तरह सात्विक जीवन जीना चाहिए। ब्रह्मचर्य का व्रत भी इसमें शामिल है यानी इस तिथि पर शारीरिक रूप से तो ब्रह्मचर्य का पालन करना ही चाहिए साथ ही मन में भी इस तरह के विचार नही लाने चाहिए। तभी ब्रह्मचर्य व्रत का पालन पूरी तरह से संभव है।
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ब्रश न करें
एकादशी तिथि पर ब्रश नहीं करना चाहिए। चाहें तो एक दिन पहले यानी दशमी तिथि पर सोने से पहले ब्रश कर सकते हैं। टूथपेस्ट में कई तरह के केमिकल का उपयोग किया जाता है, जिससे व्रत टूट सकता है। इसलिए एकादशी तिथि पर ब्रश करने से बचना चाहिए।
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पान न खाएं
पान खाने में वैसे तो कोई बुराई नहीं है, लेकिन एकादशी पर पान खाने से बचना चाहिए क्योंकि पान राजसी चीजों का प्रतीक है यानी भोग-विलास का। जबकि एकादशी तिथि पर किसी भी तरह की भोग-विलास की चीजों से दूर रहना ही उचित होता है। इसलिए एकादशी तिथि पर पान भी नहीं खाना चाहिए।
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वाद-विवाद न करें
एकादशी तिथि पर किसी से भी वाद-विवाद न करें। ऐसा करने से मन में उत्तेजना पैदा होती है और कई बार स्थिति बिगड़ भी सकती है। एकादशी तिथि पर मन को शांत रखकर सिर्फ भगवान की भक्ति पर ही ध्यान देना चाहिए।
Disclaimer : इस आर्टिकल में जो भी जानकारी दी गई है, वो ज्योतिषियों, पंचांग, धर्म ग्रंथों और मान्यताओं पर आधारित हैं। इन जानकारियों को आप तक पहुंचाने का हम सिर्फ एक माध्यम हैं। यूजर्स से निवेदन है कि वो इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें। आर्टिकल पर भरोसा करके अगर आप कुछ उपाय या अन्य कोई कार्य करना चाहते हैं तो इसके लिए आप स्वतः जिम्मेदार होंगे। हम इसके लिए उत्तरदायी नहीं होंगे।
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