
Sakat Chauth Chandrodaya Ka Samay: आज 6 जनवरी 2026 को सकट चौथ का पावन व्रत रखा जा रहा है। यह व्रत विशेष रूप से संतान की सुख-समृद्धि और जीवन से संकट दूर करने के लिए किया जाता है। मान्यता है कि सकट चौथ का व्रत रखने से बच्चों पर आने वाली बाधाएं समाप्त होती हैं। यह दिन भगवान गणेश को समर्पित होता है, जिन्हें विघ्नहर्ता कहा जाता है। इसी वजह से इस व्रत में चंद्र दर्शन का विशेष महत्व माना गया है। ऐसे में जानिए आपके शहर में सकट चौथ पर कब निकलेगा चांद, सिटीवाइज चंद्रोदय का समय जानें।
कई बार बादल या कोहरे की वजह से कुछ शहरों में चंद्रमा के दर्शन नहीं हो पाते। अगर आपने सकट चौथ का व्रत किया है और आपके शहर में चांद न निकले तो ऐसी स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं होती। श्रद्धालु चंद्रमा की दिशा की ओर मुख करके अर्घ्य दे सकते हैं और भगवान गणेश की पूजा कर सकते हैं। शास्त्रों के अनुसार, व्रत में सबसे अहम भाव और श्रद्धा होती है, दृश्यता नहीं। इसके अलावा यदि किसी शहर में चांद निकला हो और वहां आपके परिवार, दोस्त हों तो आप मोबाइल वीडियो कॉल पर भी चंद्र दर्शन कर अपना व्रत पूरा कर सकती हैं। सकट चौथ का यह पावन अवसर श्रद्धा, विश्वास और संकल्प का प्रतीक है। सही विधि और विश्वास के साथ किया गया व्रत जीवन में सुख-शांति और संतान के लिए मंगलकारी माना जाता है।
सकट चौथ देवी सकट को समर्पित होती है। इस दिन महिलाएं अपने पुत्रों की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए निर्जला या फलाहार व्रत रखती हैं। पौराणिक कथाओं में देवी सकट को करुणा और मातृत्व की प्रतीक बताया गया है, जो अपने भक्तों की रक्षा करती हैं। सकट चौथ का व्रत अन्य व्रतों से अलग माना जाता है। इस दिन व्रत का पारण चंद्रमा के दर्शन के बाद ही किया जाता है। मान्यता है कि चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद भगवान गणेश की पूजा करने से व्रत पूर्ण फल देता है। चंद्र दर्शन से पहले व्रत तोड़ना अशुभ और अधूरा माना जाता है, इसलिए सकट चौथ व्रत 2026 चंद्रोदय का सही समय जानना बेहद जरूरी होता है।