Sawan 2025: सावन में भगवान शिव की पूजा विशेष रूप से की जाती है लेकिन शिव पूजा के कुछ नियम हैं। इन नियमों को ध्यान में रखते हुए ही महादेव की पूजा करनी चाहिए। शिवजी की पूजा में कुछ चीजें भूलकर भी नहीं चढ़ानी चाहिए।
Shiv Puja Niyam: भगवान शिव की भक्ति की महीना सावन 11 जुलाई से शुरू हो चुका है, जो 9 अगस्त तक रहेगा। इस महीने में लोग तरह-तरह के उपाय कर भगवान शिव को प्रसन्न करने के प्रयास करते हैं। धर्म ग्रंथों के अनुसार, भगवान शिव की पूजा के कुछ नियम हैं, उसी के अनुसार महादेव की पूजा करनी चाहिए। शिवजी की पूजा में कुछ खास चीजें भूलकर भी नहीं चढ़ाना चाहिए, इससे महादेव नाराज हो सकते हैं। आगे जानिए ऐसी ही 8 चीजों के बारे में…
29
महादेव को हल्दी न चढ़ाएं
भगवान शिव की पूजा में हल्दी भूलकर भी नहीं चढ़ानी चाहिए। इसके पीछे का कारण है कि महादेव पुरुषत्व का प्रतीक हैं और हल्दी स्त्रियों के श्रृंगार की सामग्री। पुरुषत्व के प्रतीक शिवजी की पूजा में हल्दी का प्रयोग करना शास्त्रों के विरुद्ध है, इसलिए महादेव को हल्दी भूलकर भी न चढ़ाएं।
39
कटे-फटे बिल्व पत्र का उपयोग न करें
वैसे तो बिना बिल्व पत्र के शिवजी की पूजा पूरी नहीं होती लेकिन ध्यान रखें ये बिल्व पत्र कहीं से भी कटे-फटे न हो। ऐसे बिल्व पत्र शिवजी की पूजा के योग्य नहीं माने गए हैं। अगर बिल्व पत्र साफ-सुथरा हो तो इसे धोकर पुन: शिव पूजा में उपयोग में लिया जा सकता है।
शिव पुराण के अनुसार, भगवान शिव को चावल चढ़ाने से धन लाभ होता है लेकिन ध्यान रखें ये चावल टूटे हुए न हों बल्कि संपूर्ण हो। टूटे हुए चावल चढ़ाने से महादेव की कृपा नहीं मिलती और न हो धन लाभ के योग बनते हैं, इसलिए महादेव को हमेशा पूरे चावल ही चढ़ाने चाहिए।
59
केतकी के फूल भी न चढ़ाएं
धर्म ग्रंथों के अनुसार, महादेव को केतकी के फूल भी नहीं चढ़ाने चाहिए। इससे जुड़ी कथा शिवपुराण में पढ़ने को मिलती है। उसके अनुसार, केतकी के फूल ने ब्रह्माजी के कहने पर झूठ बोला था तभी महादेव ने अपनी पूजा में इस फूल को वर्जित कर दिया था। ये परंपरा आज भी निभाई जा रही है।
69
कुंकुम से न करें तिलक
आमतौर पर जब भी किसी देवी-देवता की पूजा की जाती है तो कुंकुम से तिलक लगाया जाता है लेकिन महादेव की पूजा में ऐसी गलती न करें। शिवजी की पूजा में चंदन का तिलक लगाया जाता है क्योंकि कुमकुम स्त्रियोचित पदार्थ है जो महादेव की पूजा में वर्जित माना गया है।
79
शंख से जल अर्पित न करें
महादेव को जल चढ़ाने की परंपरा है लेकिन ये जल कभी भी शंख से नहीं चढ़ाना चाहिए क्योंकि प्राचीन समय में महादेव ने जिस जलंधर नाम के राक्षस का वध किया था, उसी की हडि्डयों से शंख का निर्माण हुआ। इसलिए शंख के जल से कभी शिवलिंग का अभिषेक न करें।
89
सिंदूर भी न करें अर्पित
बाजार में जो पूजा की सामग्री मिलती है, उसमें सिंदूर भी शामिल होता है। लोग अनजाने में सिंदूर भी महादेव को चढ़ा देते हैं लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए। सिंदूर भी महिलाओं के श्रृंगार की सामग्री है, इसलिए ये भी भगवान शिव की पूजा के लिए उपयोग में नहीं लाई जाती।
99
तुलसी के पत्ते न चढ़ाएं
हिंदू धर्म में तुलसी को बहुत ही पवित्र माना गया है। हर पूजा में तुलसी का उपयोग विशेष रूप से किया जाता है लेकिन महादेव की पूजा में तुलसी नहीं चढ़ानी चाहिए। इसके पीछे का कारण है कि प्राचीन समय में महादेव ने ही तुलसी के पति जलंधर का वध किया था। तभी से शिव पूजा में तुलसी निषेध है।
Disclaimer इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।
Spirituality News in Hindi (आध्यात्मिक खबर): Get latest spirituality news about festivals, horoscope, religion, wellness, metaphysical, parapsychology and yoga in India at Asianet News Hindi