Unique Temple: भारत में कहां होती है मामा शकुनि की पूजा? तंत्र सिद्धियां पाने के लिए दूर-दूर से आते है लोग

Published : May 31, 2025, 11:45 AM IST
Shakuni Mama temple

सार

unique temples of india: हमारे देश में शकुनि मामा का एक मंदिर भी है जिसके बारे में कम लोगों को जानकारी है। ये मंदिर तंत्र-मंत्र के लिए जाना जाता है। दूर-दूर से लोग यहं गुप्त सिद्धियां पाने के लिए आते हैं।

Shakuni Temple Kerala: हमारे देश में अनेक ऐसे मंदिर हैं, जिनके बारे में जानकर आप दांतों तले उंगलियां दबा सकते हैं, ऐसा ही एक मंदिर है मामा शकुनि का। आपको जानकर आश्चर्य होगा लेकिन ये सच है। महाभारत के सबसे बड़े खलनायकों में से एक कौरवों के मामा शकुनि का मंदिर भी और लोग यहां पूजा-पाठ भी करते हैं। दूर-दूर से लोग यहां दर्शन और पूजा करने आते हैं। ये मंदिर तंत्र-मंत्र के लिए भी प्रसिद्ध है। जानें शकुनि के इस मंदिर से जुड़ी खास बातें…

कहां है मामा शकुनि का मंदिर?

कौरवों के मामा और महाभारत के सबसे बड़े खलनायकों में से एक मामा शकुनि का ये मंदिर केरल के कोट्टारक्कारा में स्थित है। स्थानीय लोग इस मंदिर को मायम्कोट्टू मलंचारुवु मलनाड मंदिर के नाम से पुकारते हैं। ये मंदिर किसने बनवाया, इस बारे में कोई जानकारी नहीं है लेकिन कहा जाता है कि इसी स्थान पर शकुनि ने तपस्या करके महादेव को प्रसन्न किया था। जिस पत्थर पर बैठकर शकुनि ने तपस्या की थी, वो आज भी यहां मौजूद है, इस पत्थर को पवित्रेश्वरम कहा जाता है।

क्यों खास है शकुनि का ये मंदिर?

मान्यता है कि शकुनि तंत्र-मंत्र का भी अच्छा जानकार था। इसलिए ये स्थान तंत्र-मंत्र की सिद्धियां पाने के लिए उपयुक्त माना जाता है। दूर-दूर से तांत्रिक इस मंदिर में गुप्त सिद्धियां पाने के लिए आते हैं। इस मंदिर में शकुनि के अलावा नाग माता और नागराज की पूजा भी होती है।

हर साल मनाते हैं खास उत्सव

मामा शकुनि के इस मंदिर में हर साल एक खास उत्सव मनाया जाता है, जिसे मलक्कुडा महोलसवम कहते हैं। इस उत्सव में स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आए लोग भी शामिल होते हैं और मामा शकुनि की पूजा करते हैं। मंदिर में लोग अपनी श्रद्धा के अनुसार नारियल, रेशम और ताड़ी (एक प्रकार की शराब) भी चढ़ाते हैं।

कैसे पहुंचें शकुनि के मंदिर?

- कोट्टारकारा से सबसे नजदीक रेलव स्टेशन मुनरोतुरुट्टू है, जिसकी दूरी लगभग 30 किमी है। यहां से बस या टैक्सी से शकुनि मंदिर पहुंचा जा सकता है।
- यहां से सबसे नजदीक हवाई अड्डा तिरुवनंतपुरम में है, जो लगभग 65 किमी दूर है। यहां से कोट्टारकारा के लिए बस और टैक्सी आसानी से मिल जाती है।
- सड़क मार्ग से शकुनि मंदिर तक पहुंचने के लिए आपको पहले तिरुवनंतपुरम जाना होगा, जो यहां से 65 किमी दूर है।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो ज्योतिषियों द्वारा बताई गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

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