Mangal Dosh Ke Upay: क्या होता है मंगल दोष, इससे विवाह में क्या परेशानी आती है? जानें उपाय भी

Published : May 20, 2025, 01:21 PM IST
Mangal Dosh Ke Upay

सार

Mangal Dosh Kya Hota Hai: जब भी किसी लड़के या लड़की के विवाह की बात होती है सबसे पहले ये देखा जाता है कि कहीं उसकी कुंडली में मंगल दोष तो नहीं है। मंगल दोष मांगलिक दोष भी कहते हैं। ये दोष वैवाहिक जीवन पर सीधा असर डालता है। 

Mangal Dosh Kaise Banta Hai: हिंदू धर्म में विवाह से पहले लड़का-लड़की जन्म कुंडली जरूर मिलाई जाती है। कुंडली मिलाते समय मंगल दोष जिसे मांगलिक दोष भी कहते हैं का विशेष ध्यान रखा जाता है। अगर कोई लड़का मांगलिक हो तो उसका विवाह मांगलिक लड़की से ही करवाई जाती है। ऐसा न करने से वैवाहिक जीवन में अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है और पति-पत्नी में से किसी की मृत्यु होने का योग भी बन सकता है। मंगल दोष का प्रभाव कम करने के लिए उपाय भी किए जाते हैं। जानें कैसे बनता है मंगल दोष और इसके उपाय के बारे में…

क्या होता है मांगलिक दोष, ये कैसे बनता है?

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. नलिन शर्मा के अनुसार, जब किसी लड़का या लड़की की जन्म कुंडली में 1, 4, 7, 8, 12वें भाव में मंगल ग्रह होता है। इनमें से किसी भी स्थान पर मंगल के होने से उसकी दृष्टि कुंडली के सातवें भाव पर पड़ती है जो वैवाहिक सुख का स्थान होता है। चूंकि मंगल उग्र ग्रह है इसलिए इसकी दृष्टि पड़ने से विवाह में देरी और वैवाहिक जीवन में परेशानी आने की आशंका रहती है।

मांगलिक दोष कर सकता है जीवन बर्बाद?

ज्योतिषाचार्य पं. शर्मा के अनुसार, मांगलिक कुंडली में मंगल ग्रह का प्रभाव सबसे ज्यादा होता है, जो कि एक उग्र ग्रह है। अगर किसी मांगलिक लड़के की शादी साधारण कुंडली वाली लड़की से करवा दी जाए तो उसके जीवन की हानि हो सकती है। यही स्थिति लड़की के मांगलिक होने पर भी बनती है।
लग्ने व्यये च पाताले जामित्रे चाष्टमे कुजे ।
कन्या भर्तुविनाशाय भर्ता कन्या विनाशकः ।।

अर्थ- जिस कन्या या वर की कुंडली में 1, 4 , 7, 8 या 12वें स्थान में मंगल हो , तो वह कन्या वर (पति) के लिए हानिकारक होती है और इसी तरह जिस लड़के की कुंडली में इन्हीं स्थानों में मंगल हो वह कन्या के लिए हानिकारक होता है।

मांगलिक की शादी मांगलिक से ही क्यों?

ज्योतिषाचार्य पं. शर्मा के अनुसार, मांगलिक लड़के की शादी मांगलिक लड़की से ही करवाने का विधान है। ऐसा करने से मंगल दोष का निवारण हो जाता है क्योंकि दोनों की ही कुंडली में मंगल का प्रभाव एक समान रहता है।
कुज दोष वती देया कुजदोषवते किल।
नास्ति दोषो न चानिष्टं दम्पत्योः सुखवर्धनम् ॥

अर्थ- मंगल दोष वाली कन्या का विवाह मांगलिक दोष वाले लड़के के साथ करने से मंगल का अनिष्ट दोष नहीं होता तथा वर-वधू के मध्य दाम्पत्य सुख बढ़ता है

मंगल दोष के उपाय (Manglik Dosh Ke Upay)

1. अगर किसी की जन्म कुंडली में मंगल दोष हो तो उस व्यक्ति को मंगलवार को व्रत रखन चाहिए और हनुमानजी की पूजा करनी चाहिए।
2. मंगल दोष निवारण के लिए मंगल ग्रहों के मंत्रों का जाप करें।
3. किसी योग्य ज्योतिषी से पूछकर मंगल का रत्न मूंगा धारण करें।
4. मंगल प्रदोष के शुभ मौके पर उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर में भात पूजन करवाएं।
5. मंगल ग्रह से संबंधित चीजों जैसे मसूर की दाल, लाल रंग के फल, लाल मिठाई, लाल कपड़े आदि का दान करें।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो ज्योतिषियों द्वारा बताई गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

 

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