Suna Besha Date 2026: क्या है सुना बेसा परंपरा? जानें भगवान जगन्नाथ के ‘गोल्डन अवतार’ का रहस्य

Published : Jul 24, 2026, 10:42 AM IST

Suna Besha Tradition: भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के समाप्त होने के बाद भी अनेक परंपराएं निभाई जाती हैं, इनमें से सुना बेसा भी एक है। इस रस्म के दौरान भगवान जगन्नाथ का गोल्डन अवतार देखने को मिलता है।

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जानें सुना बेसा परंपरा 2026 की सही डेट

Suna Besha Kab Hai: ओडिसा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा हर साल निकाली जाती है। इस रथयात्रा के देखने के लिए लाखों भक्त वहां जाते हैं। 8 दिन मौसी के घर आराम करने के बाद जब भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ फिर से मंदिर लौटते हैं तो इसे बहुड़ा यात्रा कहा जाता है। इस बार बहुड़ा यात्रा 24 जुलाई, शुक्रवार को है। मंदिर पहुंचने के बाद सुना बेसा, अधर पाना आदि परंपराएं भी निभाई जाती हैं। सुना बेसा के दौरान भगवान जगन्नाथ के गोल्डन अवतार देखने को मिलता है। जानें क्या है ये परंपरा…

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कब है सुना बेसा 2026?

सुना बेसा की परंपरा बहुड़ा यात्रा के अगले दिन देखने को मिलती है। इस बार सुना बेसा की रस्म 25 जुलाई, शनिवार को निभाई जाएगी। सुना बेसा को राजाधिराज बेसा या राजराजेश्वर बेसा भी कहा जाता है। इस परंपरा के दौरान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा को सोने के आभूषणों से सजाया जाता है। सुना यानी सोना और बेसा यानी वेषभूषा। सोने के आभूषणों से सजे भगवान जगन्नाथ का ये रूप बहुत ही अलौकिक होता है, इसलिए इसे भगवान जगन्नाथ को गोल्डन अवतार भी कहा जाता है।

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क्यों निभाई जाती है यह परंपरा?

मान्यता के अनुसार सुना बेसा में भगवान जगन्नाथ को राजाधिराज यानी पूरे ब्रह्मांड के राजा के रूप में सजाया जाता है। सोने के आभूषणों से उनका श्रृंगार उनकी दिव्यता, ऐश्वर्य और राजसी स्वरूप का प्रतीक माना जाता है। भक्तों के लिए यह दर्शन बेहद खास होते हैं क्योंकि इस दिन भगवान अपने भव्य राजसी रूप में दर्शन देते हैं।

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कैसे शुरू हुई ये परंपरा?

कहते हैं कि सुना बेसा की परंपरा साल 1460 में उस समसय के राजा कपिलेंद्रदेव ने शुरू की थी। जब राजा कपिलेंद्रदेव दक्षिण भारत के राजाओं को हराकार काफी सारा सोना वहां से लेकर आए तो उन्होंने उसे भगवान जगन्नाथ को समर्पित कर दिया। इस सोने से भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के आभूषण तैयार कर श्रंगार किया गया। तभी से ये पंरपरा चली आ रही है।

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