
Eclipse And Pregnancy Rules: सूर्य ग्रहण वैसे तो खगोलीय घटना है लेकिन हमेरा देश में इसे धर्म और ज्योतिष से जोड़कर भी देखा जाता है। सूर्य ग्रहण को लेकर हमारे देश में कई धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं। इनमें से एक मान्यता यह भी है कि सूर्य ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को चाकू, कैंची, सुई जैसी नुकीली वस्तुओं का उपयोग नहीं करना चाहिए। इस मान्यता के बारे में विज्ञान क्या कहता है? आइए जानते हैं।
ये भी पढ़ें-
Surya Grahan 2026: 12 अगस्त का सूर्य ग्रहण कब-कहां दिखेगा, सूतक कब से शुरू होगा, कहां देखें लाइव? जानें हर बात
हिंदू मान्यता के अनुसार सूर्य ग्रहण एक बहुत ही संवेदनशील समय होता है। माना जाता है कि इस दौरान निगेटिव एनर्जी का प्रभाव बढ़ जाता है। गर्भवती महिलाओं को इससे सबसे ज्यादा खतरा माना जाता है और किसी भी प्रकार के काटने, छेदने या सिलाई-के काम से दूर रहने की सलाह दी जाती है। कहते हैं कि ऐसा करने से गर्भस्थ शिशु पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।
ये भी पढ़ें-
सूर्य ग्रहण को लेकर Pregnancy से जुड़े 8 बड़े मिथक, चाकू-कैंची से खाने तक जानिए इनके पीछे की सच्चाई
विद्वानों का मानना है कि पहले के समय में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं होती थी और सूर्य ग्रहण के दौरान दिन में भी रात जैसा अंधेरा हो जाता था। ऐसे में चाकू, कैंची या अन्य नुकीले चीजों का उपयोग करने के दौरान चोट लगने का खतरा बढ़ जाता था। इसी बात को ध्यान में रखते हुए गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा के लिए ये नियम बनाया गया। ये नियम समय के साथ धार्मिक परंपरा के रूप में प्रचलित हो गया।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो अब तक ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है कि सूर्य ग्रहण का कोई दुष्प्रभाव शारीरिक और मानसिक रूप से किसी व्यक्ति पर पड़ा हो। इसलिए ये मान्यता कि सूर्य ग्रहण के दौरान चाकू या कैंची का उपयोग करने से गर्भ में पल रहे शिशु पर कोई असर पड़ता है, पूरी तरह से निराधार है। विशेषज्ञों का ये भी कहना है कि सूर्य ग्रहण का कोई भी प्रभाव गर्भस्थ शिशु पर होता है, ऐसा कोई सिद्ध नहीं कर पाया है।
12 अगस्त 2026 को लगने वाला सूर्य ग्रहण भारत में कहीं भी दिखाई नहीं देगा। इसलिए यहां इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। ऐसे में यहां रहने वाली गर्भवती महिलाओं को ग्रहण से जुड़ी पाबंदियों को लेकर चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन पर इस सूर्य ग्रहण का कोई प्रभाव नहीं होगा।
धार्मिक परंपराओं, मंदिरों, त्योहारों, यात्रा स्थलों और आध्यात्मिक ज्ञान से जुड़ी खबरें पढ़ें। पूजा पद्धति, पौराणिक कथाएं और व्रत-त्योहार अपडेट्स के लिए Religion News in Hindi सेक्शन देखें — आस्था और संस्कृति पर सटीक और प्रेरक जानकारी।