Ganesh Visarjan Rules: इस बार अनंत चतुर्दशी का पर्व 25 सितंबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस दिन गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन करने की परंपरा है। गणेश प्रतिमा के विसर्जन के बाद पूजा सामग्री का क्या करें? आगे जानिए…

Ganesh Visarjan Rituals: गणेश उत्सव के दौरान घर में बाप्पा की स्थापना के साथ कलश भी रखा जाता है। कलश में जल भरकर उसके ऊपर नारियल और आम के पत्ते रखे जाते हैं। इसके अलावा पूजा में चावल, सुपारी, सिक्का, दूर्वा, फूल-माला और दूसरी सामग्री भी उपयोग होती है। गणपति विसर्जन के बाद इन चीजों का क्या करना चाहिए, इसे लेकर अक्सर असमंजस रहता है। आगे जानिए इन चीजों का क्या करना चाहिए…

कलश के जल का क्या करें?

गणेश स्थापना के समय रखा गया कलश पूजा का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इसका जल को बहुत पवित्र माना जाता है, इसलिए इसे भी पवित्र नदी में डाल देना चाहिए। यदि ऐसा न कर पाएं तो किसी पवित्र पेड़-पौधे जैसे तुलसी, पीपल आदि में इस पानी को डाल दें। ध्यान रहे किसी भी रूप में इस जल का अपमान न होने पाए। कलश का उपयोग आप पुन: किसी पूजा या शुभ कार्य में कर सकते हैं।

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कलश के ऊपर रखे नारियल का क्या करें?

कलश पर रखा नारियल भी पवित्र होता है। विसर्जन के बाद इसे कूड़े में फेंकने के बजाय प्रसाद के रूप में परिवार के लोगों में बांटा जा सकता है। कुछ लोग इसे प्रतिमा के साथ ही नदी में प्रवाहित कर देते हैं, इसमें भी कोई बुराई नहीं है। परंपरा के अनुसार आप इस नारियल का पवित्रता पूर्वक उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा इस नारियल को आप एक लाल कपड़े में लपेटकर घर के मुख्य द्वार के पास टांग सकते हैं। ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

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सुपारी, हल्दी आदि चीजों का क्या करें?

गणेशजी की पूजा में फूल, सुपारी, सिक्का, हल्दी, दूर्वा, चावल आदि चीजों का भी उपयोग किया जा सकता है। इनमें से कुछ चीजें जैसे दूर्वा, फूल, चावल आदि को गणेश प्रतिमा के साथ ही जल में प्रवाहित कर देना चाहिए। वहीं सुपारी, सिक्का और हल्दी की गांठ को आप अपने पूजा स्थान पर रख सकते हैं। ऐसा करने से आपके घर में बरकत बनी रहेगी। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि गणेशजी को चढ़ाई गई प्रत्येक वस्तु पवित्र होती है, किसी भी रूप में उसका अपमान नहीं होना चाहिए।


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