Solar Eclipse Born Babies Personality: साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण आज यानी 17 फरवरी को दोपहर 03:26 बजे शुरू होकर शाम 07:57 बजे समाप्त होगा। जानिए सूर्य ग्रहण के दौरान बच्चे का जन्म शुभ होता है या अशुभ? ग्रहण में जन्म लेने वाले लोग कैसे होते हैं?
आज साल का पहला सूर्य ग्रहण लगा है। भारतीय समय के अनुसार इसकी शुरुआत दोपहर 03:26 बजे हुई और यह शाम 07:57 बजे समाप्त होगा। ग्रहण लगभग 4 घंटे 31 मिनट तक रहेगा। इस दौरान सूर्य अपने किनारे से छल्ले (Ring of Fire) की तरह दिखाई देगा। ज्योतिष शास्त्र में ग्रहण को सामान्यतः शुभ नहीं माना जाता, इसलिए हर किसी के मन में सवाल उठता है कि अगर इस दौरान कोई बच्चा जन्म लेता है तो क्या होगा?
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सूर्य ग्रहण के दिन जन्म लेने वाले बच्चों की पर्सनालिटी
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के समय सूर्य या चंद्रमा पर राहु-केतु का प्रभाव माना जाता है। इसलिए कहा जाता है कि इस समय जन्म लेने वाले बच्चों के जीवन में उतार-चढ़ाव थोड़ा ज्यादा हो सकता है। कुछ मान्यताओं में यह भी माना जाता है कि ऐसे बच्चों को जीवन में सफलता पाने के लिए सामान्य से अधिक मेहनत करनी पड़ती है।
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सूर्य ग्रहण में जन्मे बच्चे के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर असर?
कई ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि ग्रहण के समय जन्मे बच्चों की कुंडली में सूर्य की स्थिति कमजोर हो सकती है। सूर्य आत्मविश्वास, ऊर्जा और स्वास्थ्य का कारक ग्रह माना जाता है। ऐसे में माना जाता है कि बच्चे को मानसिक तनाव, आत्मविश्वास की कमी या स्वास्थ्य से जुड़ी छोटी-बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि यह पूरी तरह कुंडली की स्थिति पर निर्भर करता है।
ज्योतिष के अनुसार सूर्य पिता का प्रतिनिधित्व करता है। अगर ग्रहण के कारण सूर्य प्रभावित हो, तो पिता या माता-पिता के साथ संबंधों में कभी-कभी दूरी या मतभेद की स्थिति बन सकती है। लेकिन यह हर व्यक्ति पर समान रूप से लागू नहीं होता। लेकिन यह भी सच है कि हर ग्रहण अशुभ परिणाम ही दे, ऐसा जरूरी नहीं है। कई ज्योतिषी मानते हैं कि अगर कुंडली में शुभ ग्रह मजबूत हों तो ग्रहण के समय जन्मा बच्चा बेहद प्रतिभाशाली, संवेदनशील और गहरी सोच वाला भी हो सकता है। ऐसे लोग अक्सर रिसर्च, आध्यात्म और रचनात्मक क्षेत्रों में आगे बढ़ते हैं।
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सूर्य ग्रहण में बच्चे का जन्म हो तो करें ये उपाय?
मान्यताओं के अनुसार, यदि बच्चे का जन्म सूर्य ग्रहण के दौरान हुआ हो तो, जन्म के बाद शांति पाठ या ग्रह शांति करवाई जा सकती है। सूर्य मंत्र का जाप लाभकारी माना जाता है। नियमित रूप से सूर्य को जल अर्पित करने की सलाह दी जाती है। ध्यान रखने वाली बात यह है कि ये सभी बातें ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं। किसी भी बच्चे का भविष्य सिर्फ उसके जन्म के समय से तय नहीं होता, बल्कि उसकी परवरिश, शिक्षा, मेहनत और परिस्थितियां भी बड़ी भूमिका निभाती हैं। इसलिए अगर आपके घर में सूर्य ग्रहण के दिन किसी बच्चे का जन्म होता है, तो डरने की जरूरत नहीं है। सही मार्गदर्शन और सकारात्मक माहौल के साथ हर बच्चा जीवन में आगे बढ़ सकता है।
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17 फरवरी का सूर्य ग्रहण कहां-कहां नजर आएगा
भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा। लेकिन दुनिया के कई हिस्सों में देखा जा सकता है। जिसमें- अर्जेंटीना, बोत्सवाना, चिली, मॉरीशस, नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका और अंटार्कटिका के कुछ हिस्से शामिल हैं। इस ग्रहण का चरम काल शाम 05:42 बजे होगा, जब सूर्य पूरी तरह ‘Ring of Fire’ की तरह नजर आएगा। यह एक वलयाकार (Annular) सूर्य ग्रहण है।
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