
Vijay Shankar IPL Career: भारतीय क्रिकेट में कई खिलाड़ी ऐसे आए, जिन्होंने अपने खेल से उम्मीदें जगाईं, लेकिन चोटों और परिस्थितियों ने उनके सफर को अधूरा छोड़ दिया। विजय शंकर भी उन्हीं खिलाड़ियों में शामिल रहे। भारत के इस ऑलराउंडर ने अब घरेलू क्रिकेट और आईपीएल से संन्यास लेने का फैसला कर लिया है। सोशल मीडिया पर किए गए उनके भावुक पोस्ट ने क्रिकेट फैंस को भावुक कर दिया।
एक समय भारतीय क्रिकेट में “3D क्रिकेटर” के नाम से चर्चा में आए विजय शंकर ने अपने करियर के उतार-चढ़ाव, आलोचनाओं और यादगार पलों को याद करते हुए क्रिकेट को अलविदा कहा। 32 वर्षीय खिलाड़ी ने साफ किया कि अब वह जीवन में नए अवसर तलाशना चाहते हैं।
विजय शंकर ने अपने रिटायरमेंट पोस्ट में लिखा कि क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि उनकी पूरी जिंदगी रहा है। उन्होंने 10 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया था और करीब 25 साल के लंबे सफर के बाद अब एक नए अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं। उन्होंने लिखा कि देश के लिए खेलना उनके जीवन का सबसे गर्व वाला पल रहा। अपने संदेश में उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI), टीम इंडिया, तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन और सभी आईपीएल फ्रेंचाइजियों का आभार जताया।
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2019 वनडे विश्व कप से पहले तत्कालीन चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने विजय शंकर को “3D प्लेयर” बताया था। उनका कहना था कि विजय बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में योगदान दे सकते हैं। इसी वजह से उन्हें अंबाती रायडू की जगह 2019 विश्व कप टीम में चुना गया था। उस समय यह फैसला काफी विवादों में भी रहा था और सोशल मीडिया पर “3D प्लेयर” शब्द लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहा। लेकिन विजय शंकर ने अपने संन्यास पोस्ट में इसी पहचान को गर्व के साथ अपनाया और आखिर में लिखा - “आपका 3D क्रिकेटर।”
विजय शंकर के करियर का सबसे यादगार पल 2019 विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला माना जाता है। मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में खेले गए उस हाई-प्रेशर मैच में उन्हें अचानक गेंदबाजी करनी पड़ी थी। दरअसल, भुवनेश्वर कुमार चोटिल हो गए थे और कप्तान विराट कोहली ने ओवर पूरा करने के लिए विजय शंकर को गेंद थमा दी। दबाव से भरे भारत-पाकिस्तान मुकाबले में विजय शंकर ने अपनी पहली ही गेंद पर पाकिस्तानी बल्लेबाज इमाम उल हक को एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया। विश्व कप में पहली गेंद पर विकेट लेने वाले चुनिंदा भारतीय गेंदबाजों में उनका नाम शामिल हो गया। उस मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को डकवर्थ-लुईस नियम के तहत 89 रन से हराया था।
विजय शंकर को भारतीय टीम में लगातार मौके जरूर मिले, लेकिन चोटों ने उनके करियर की रफ्तार पर बड़ा असर डाला। 2019 विश्व कप के दौरान भी वह चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए थे। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वह लंबे समय तक फिट रहते, तो भारतीय टीम में एक भरोसेमंद ऑलराउंडर के रूप में अपनी जगह मजबूत कर सकते थे।
विजय शंकर ने भारत के लिए 12 वनडे और 9 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। वनडे में उन्होंने 223 रन बनाए और 4 विकेट लिए, जबकि टी20 में उनके नाम 101 रन और 5 विकेट दर्ज हैं। घरेलू क्रिकेट में तमिलनाडु के लिए उनका प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा। उन्होंने 49 फर्स्ट क्लास मैचों में 2665 रन और 46 विकेट अपने नाम किए। वहीं लिस्ट-ए क्रिकेट में 1772 रन और 27 विकेट हासिल किए। आईपीएल में उन्होंने Chennai Super Kings, Sunrisers Hyderabad, Delhi Capitals और Gujarat Titans जैसी टीमों का प्रतिनिधित्व किया। 2022 में गुजरात टाइटन्स के साथ उन्होंने आईपीएल ट्रॉफी भी जीती।
अपने रिटायरमेंट पोस्ट में विजय शंकर ने यह भी स्वीकार किया कि करियर के दौरान उन्हें काफी आलोचना और नफरत का सामना करना पड़ा। लेकिन उन्होंने हमेशा सकारात्मक सोच और मेहनत पर भरोसा रखा। उन्होंने लिखा कि अगर वह तमाम मुश्किलों के बावजूद यहां तक पहुंच सकते हैं, तो कोई भी अपने सपनों को पूरा कर सकता है। यही संदेश उनके पूरे क्रिकेट सफर की सबसे बड़ी पहचान भी बन गया।
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