Abhigyan Kundu: अंडर-19 विश्व कप 2026 में लोगों की नजरें 14 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर टिकी हैं, लेकिन असली रंग 17 साल के अभिज्ञान कुंडू ने जमा दिए। बांग्लादेश के बाद अब न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच में उनपर निगाहें होंगी।
यूथ टीम इंडिया इस समय अंडर 19 विश्व कप 2026 में भाग ले रही है। पहले 2 मुकाबलों में टीम ने शानदार अंदाज में जीत दर्ज करके ही आगे के लिए जगह पक्की कर ली है। अब भारत का सामना न्यूजीलैंड के साथ हो रहा है। बुलावायो में दोनों टीमें आमने-सामने हैं। ऐसे में 17 साल के होनहार बल्लेबाज अभिज्ञान कुंडू चर्चा का विषय बने हुए हैं। पिछले मैच में बांग्लादेश के खिलाफ लाजवाब प्रदर्शन किया था।
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खेली 80 रनों की पारी
अभिज्ञान कुंडू ने 17 जनवरी को बांग्लादेश अंडर 19 टीम के खिलाफ लाजवाब प्रदर्शन किया था। उस मुकाबले में सभी की नजरें वैभव सूर्यवंशी पर थीं, लेकिन वो नहीं चले। टीम इंडिया काफी मुश्किल परिस्थिति में थी, तभी अभिज्ञान कुंडू ने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया और 112 गेंदों पर 80 रनों की सूझबूझ भरी पारी खेली और टीम को मुश्किल हालात से बाहर निकाला। उन्होंने अपनी पारी में 4 चौके और 3 छक्के मारे, जिसके चलते भारत एक अच्छा टोटल तक पहुंच गया।
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बनाए हैं 29000 रन
अभिज्ञान कुंडू के पास क्या काबिलियत है, उसके बारे में जानकर आपको भी हैरानी होगी। सिर्फ 13 साल की उम्र में इस खिलाड़ी ने बल्ले से तांडव मचाया है। जिस उम्र में बच्चे टीवी के सामने बैठककर कार्टून देखते हैं, उस एज में अभिज्ञान ने बल्ले से 29000 रन बना दिए। स्कूल क्रिकेट में इस बल्लेबाज ने लगभग 29,000 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 97 शतक और 127 अर्धशतक निकले हैं। इस युवा बल्लेबाज ने 2 बार 400 का आंकड़ा भी पार किया है। 2 बार 300 से ज्यादा रन बनाए हैं। उन्होंने 9 डबल सेंचुरी जड़ी है।
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अभिज्ञान कुंडू के कोच ने कही ये बात
बाएं हाथ के बल्लेबाज अभिज्ञान कुंडू के कोच ने कहा कि "उस खिलाड़ी में रन बनाने की चाहत है। सबसे अच्छी बात यह है कि उसके पास खेल की पूरी समझ है। वो चाहे 100 बनाए, 200 या 300 बनाए, कभी भी अपना बल्ला दिखाकर सेलिब्रेट नहीं करता है। उन्हें सिर्फ अपनी बल्लेबाजी पर भरोसा होता है और उसी पर पूरा ध्यान देते हैं। बल्ले के अलावा उनकी नजरें और किसी चीज पर नहीं होती है।
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यहां तक कैसे पहुंचे अभिज्ञान कुंडू?
अभिज्ञान कुंडू का सफर अंडर 19 भारतीय टीम तक पहुंचने में काफी दिलचस्प रहा है। सबसे पहले नवी मुंबई में अविनाश साल्वी फाउंडेशन के लिए क्रिकेट खेला। उन्होंने डी वाई पाटिल स्टेडियम में प्रशिक्षण लिया। बाद में अंजुमन हाई स्कूल में एंट्री ली और स्कूल क्रिकेट खेलना शुरू किया। वहां लगातार बेस्ट प्रदर्शन करके दिखाया। उसका बाद चयन अंडर 16 मुंबई की टीम में हुआ। फिर वे अंडर 16 और अंडर 19 अकादमी का हिस्सा नेशनल क्रिकेट क्लब में बने।