
चेन्नई: T20 वर्ल्ड कप में जिम्बाब्वे के खिलाफ संजू सैमसन सिर्फ 15 गेंदों पर 24 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन जब वह डगआउट लौटे तो कोच गौतम गंभीर और सपोर्ट स्टाफ ने उन्हें गले लगाकर शाबाशी दी। इस वर्ल्ड कप में संजू को प्लेइंग इलेवन में मिला यह दूसरा मौका था। टॉस के वक्त जैसे ही कप्तान सूर्यकुमार यादव ने बताया कि संजू टीम में हैं, चेन्नई के स्टेडियम में बैठे दर्शक खुशी से झूम उठे। जब सूर्या ने यह भी बताया कि आज कीपिंग संजू ही करेंगे, तो फैंस का शोर और भी बढ़ गया।
अभिषेक शर्मा के साथ पारी की शुरुआत करने आए संजू ने अपनी दूसरी ही गेंद पर छक्का जड़कर फैंस को जोश से भर दिया। इसके बाद उन्होंने एक और छक्का और एक चौका लगाया। 15 गेंदों में 24 रन बनाने के बाद, चौथे ओवर में उनका आउट होना फैंस के लिए निराशाजनक था। चेपॉक में अपने खराब रिकॉर्ड को सुधारने का यह संजू के लिए एक अच्छा मौका था। हालांकि, उन्होंने टीम की दी हुई जिम्मेदारी को बखूबी निभाया और पवेलियन लौटे। संजू और अभिषेक की जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 3.4 ओवर में 48 रन जोड़े। यह इस वर्ल्ड कप में भारत की सबसे अच्छी ओपनिंग पार्टनरशिप है। भले ही 24 रन पर आउट होना फैंस को निराश कर गया, लेकिन संजू टीम को वो तूफानी शुरुआत दे चुके थे, जिसकी जरूरत थी।
शुरुआत में जब अभिषेक शर्मा जमने के लिए समय ले रहे थे, तब संजू ने तेजी से रन बनाकर दबाव कम किया। जैसे ही अभिषेक ने भी हाथ खोलने शुरू किए, मुजराबानी की एक धीमी गेंद पर संजू अपना विकेट गंवा बैठे। लेकिन डगआउट में कोच गौतम गंभीर और बॉलिंग कोच मॉर्नी मॉर्केल ने उन्हें गले लगाकर उनकी तारीफ की। पिछले मैचों में भारत शुरुआती ओवरों में ही विकेट खोकर दबाव में आ जाता था। इस बार संजू ने टीम को एक मजबूत प्लेटफॉर्म दिया, जिसकी वजह से कोचिंग स्टाफ उनके खेल से काफी खुश था।
भारत की पारी में सिर्फ 26 डॉट बॉल थीं। यह T20 वर्ल्ड कप की किसी पारी में संयुक्त रूप से सबसे कम है। इससे पहले 2016 में इंग्लैंड के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका ने भी सिर्फ 26 डॉट बॉल खेली थीं।
इस मैच में कुल 440 रन (भारत 256, जिम्बाब्वे 184) बने। यह T20 वर्ल्ड कप के इतिहास में दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है। 2016 में इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच हुए मैच में 459 रन बने थे, जो अब तक का रिकॉर्ड है।