आईसीसी में कैसे तय होती है क्रिकेटर्स की रैंकिंग? जानिए पूरा सिस्टम

Published : Jul 30, 2026, 10:19 AM IST
ICC Ranking Calculation

सार

ICC Ranking System: आईसीसी क्रिकेट खिलाड़ियों की रैंकिंग कैसे तय करता है? क्या सिर्फ रन बनाने से रैंकिंग बढ़ती है या प्रदर्शन, विपक्ष, पिच और मैच में योगदान भी मायने रखता है? जानिए ICC Ranking System...

ICC Batting Rankings: इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले हर खिलाड़ी का सपना होता है कि वह आईसीसी रैंकिंग में टॉप खिलाड़ियों में शामिल हो। लेकिन अक्सर लोगों के मन में सवाल आता है कि आखिर आईसीसी खिलाड़ियों की रैंकिंग कैसे तय करता है? क्या सिर्फ ज्यादा रन बनाने से रैंकिंग बढ़ती है, या फिर खिलाड़ियों की निरंतरता और मैच में उनके प्रदर्शन को भी देखा जाता है? हाल ही में भारत के 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने बहुत कम समय में आईसीसी रैंकिंग में 230 स्थान की छलांग लगाकर टॉप 50 बल्लेबाजों में अपनी जगह बना ली। उन्होंने 4 जुलाई को इंग्लैंड के खिलाफ इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि इतने कम समय में उनकी रैंकिंग इतनी तेजी से कैसे बढ़ गई। आइए जानते हैं पूरा सिस्टम।

कैसे बनती है आईसीसी रैंकिंग?

कई लोगों को लगता है कि सिर्फ ज्यादा रन बनाने से आईसीसी रैंकिंग बेहतर हो जाती है, लेकिन ऐसा नहीं है। आईसीसी हर खिलाड़ी को 0 से 1000 तक रेटिंग पॉइंट देता है। जिस खिलाड़ी के जितने अधिक रेटिंग पॉइंट होते हैं, उसकी रैंकिंग उतनी ही बेहतर होती है। रैंकिंग तय करते समय सिर्फ रन या विकेट नहीं देखे जाते, बल्कि कई अन्य अहम पहलुओं को भी ध्यान में रखा जाता है। इनमें शामिल हैं-

  • खिलाड़ी ने किस टीम के खिलाफ प्रदर्शन किया।
  • सामने वाले गेंदबाज या बल्लेबाज कितने मजबूत थे।
  • मैच की परिस्थितियां और पिच कितनी कठिन थी।
  • खिलाड़ी का प्रदर्शन टीम की जीत में कितना अहम रहा।
  • खिलाड़ी का हालिया प्रदर्शन और निरंतरता कैसी रही।
  • आसान और मुश्किल पिच का भी पड़ता है असर

उदाहरण के तौर पर, यदि कोई बल्लेबाज आसान पिच पर 100 रन बनाता है और दूसरा बल्लेबाज मुश्किल पिच पर 50 रन बनाकर अपनी टीम को जीत दिलाता है, तो कई बार दूसरे बल्लेबाज को ज्यादा रेटिंग मिल सकती है। इसके अलावा, बल्लेबाज नाबाद रहा या नहीं, उसकी हालिया फॉर्म कैसी है और वह लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है या नहीं, इन सभी बातों का भी आईसीसी रैंकिंग पर बड़ा असर पड़ता है।

और पढे़ं- 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी का एक और कमाल! ईशान किशन की टीम में बने उप-कप्तान

वैभव सूर्यवंशी को कैसे मिली टॉप 50 में जगह?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने तो इसी महीने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था, फिर उन्हें आईसीसी रैंकिंग में इतनी बड़ी छलांग कैसे मिल गई? दरअसल, इंग्लैंड दौरे पर उनकी शुरुआत ज्यादा अच्छी नहीं रही थी। उन्होंने तीन पारियों में सिर्फ 42 रन बनाए थे। लेकिन इसके बाद जिम्बाब्वे दौरे पर उन्होंने शानदार वापसी की। वैभव ने तीन पारियों में 151 रन बनाए, जिसमें दो शानदार अर्धशतक शामिल रहे। लगातार बेहतरीन प्रदर्शन, मैच में प्रभाव और शानदार बल्लेबाजी का ही नतीजा है कि उन्हें आईसीसी रैंकिंग में 230 स्थान का फायदा मिला और वह सीधे टॉप 50 बल्लेबाजों में शामिल हो गए।

ICC रैकिंग को लेकर पूछे जाने वाले सवाल

1. आईसीसी खिलाड़ियों की रैंकिंग कैसे तय करता है?

आईसीसी रेटिंग पॉइंट के आधार पर रैंकिंग तय करता है।

2. क्या सिर्फ ज्यादा रन बनाने से ICC रैंकिंग बढ़ती है?

नहीं, रन के साथ साथ विपक्ष की ताकत, मैच का महत्व, पिच की कठिनाई और खिलाड़ी की परफॉर्मेंस भी रैंकिंग पर असर डालती है।

3. वैभव सूर्यवंशी की रैंकिंग में इतनी बड़ी छलांग क्यों लगी?

जिम्बाब्वे के खिलाफ लगातार शानदार प्रदर्शन, 151 रन और दो अर्धशतकों की बदौलत उन्हें आईसीसी रैंकिंग में 230 स्थान का फायदा मिला।

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