
लगातार दूसरी बार IPL ट्रॉफी जीतने का सपना देख रही रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने फाइनल में शानदार शुरुआत की है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले जा रहे खिताबी मुकाबले में RCB के गेंदबाजों ने दमदार प्रदर्शन करते हुए गुजरात टाइटंस (GT) को 20 ओवर में 8 विकेट पर 155 रन पर ही रोक दिया। एक समय गुजरात की टीम मुश्किल में थी, लेकिन वॉशिंगटन सुंदर की जिम्मेदारी भरी फिफ्टी की बदौलत टीम एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुंच पाई।
वैसे, IPL फाइनल के इतिहास में 160 से कम का स्कोर चार बार डिफेंड किया जा चुका है। मुंबई इंडियंस ने 2013, 2017 और 2019 में यह कारनामा किया था, जबकि 2009 में डेक्कन चार्जर्स ने भी ऐसा करके दिखाया था।
टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का RCB के कप्तान का फैसला बिल्कुल सही साबित हुआ। गुजरात के ओपनर साई सुदर्शन (12 रन, 12 गेंद) भुवनेश्वर कुमार का शिकार बने। इसके बाद, खतरनाक बल्लेबाज और कप्तान शुभमन गिल (10 रन, 8 गेंद) भी जोश हेजलवुड की गेंद पर रजत पाटीदार को कैच थमा बैठे। बाद में आए निशांत सिंधु (20 रन, 18 गेंद) और विकेटकीपर जोस बटलर (19 रन, 23 गेंद) ने कुछ देर टिकने की कोशिश की, लेकिन RCB के गेंदबाजों ने उन्हें बड़ी पारी खेलने का मौका नहीं दिया।
एक तरफ जहां लगातार विकेट गिर रहे थे, वहीं मिडिल ऑर्डर में आए वॉशिंगटन सुंदर ने बहुत समझदारी से बल्लेबाजी की। उन्होंने RCB के अटैक का डटकर सामना किया और 37 गेंदों पर 5 चौकों की मदद से शानदार 50 रन बनाए। उनकी इसी पारी की वजह से गुजरात की टीम 150 का आंकड़ा पार कर पाई। दूसरे छोर पर अर्शद खान ने सिर्फ 6 गेंदों में 2 छक्कों की मदद से 15 रन बनाकर रन रेट को थोड़ी रफ्तार दी। बाकी बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर पाए। राहुल तेवतिया (7), जेसन होल्डर (7) और राशिद खान (7) सस्ते में आउट हो गए। कगिसो रबाडा 3 रन बनाकर नॉटआउट रहे।
बेंगलुरु के लिए युवा गेंदबाज रसिक सलाम डार ने कमाल की गेंदबाजी की। उन्होंने अपने 4 ओवर में सिर्फ 27 रन देकर 3 अहम विकेट लिए और गुजरात की कमर तोड़ दी। उनका साथ अनुभवी भुवनेश्वर कुमार (29 रन पर 2 विकेट) और जोश हेजलवुड (37 रन पर 2 विकेट) ने भी बखूबी निभाया। स्पिनर क्रुणाल पंड्या ने 4 ओवर में सिर्फ 23 रन देकर 1 विकेट लिया, जबकि जैकब डफी को कोई विकेट नहीं मिला।