
Jacob Martin Acquitted: कई बार क्रिकेटर्स की जिंदगी में ऐसी घटनाएं हो जाती हैं, जिनका असर उनके पूरे करियर और पर्सनल लाइफ पर पड़ता है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर जैकब मार्टिन के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। भारत के लिए 10 वनडे मैच खेलने वाले मार्टिन को 2004 में दर्ज एक मामले के कारण लंबे समय तक कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी। अब करीब 22 साल बाद पटियाला हाउस कोर्ट ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया है।
जैकब मार्टिन पूर्व भारतीय क्रिकेटर और दाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। उन्होंने भारत के लिए 10 वनडे मैच खेले, जिसमें उनके नाम 158 रन हैं। घरेलू क्रिकेट में भी उनका अच्छा करियर रहा। लेकिन जब उनका क्रिकेट करियर आगे बढ़ रहा था, तभी 2004 में सामने आए एक मामले ने उनकी जिंदगी को मुश्किल बना दिया।
यह मामला कथित तौर पर फर्जी यूके इमिग्रेशन स्टांप, वीजा, यात्रा व्यवस्था और वित्तीय लेन देन से जुड़ा था। इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 468, 471 और 120B के साथ पासपोर्ट एक्ट की धारा 12 के तहत आरोप लगाए गए थे। हालांकि, लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद अदालत में उनके खिलाफ आरोप साबित नहीं हो सके। मार्टिन के मुताबिक, 2004 में उनकी एक टीम इंग्लैंड खेलने गई थी। टीम का एक सदस्य वीजा की अवधि खत्म होने के बाद भी ब्रिटेन में रुक गया था। बाद में कथित तौर पर फर्जी इमिग्रेशन स्टांप के जरिए भारत लौटने की कोशिश की गई और एयरपोर्ट पर उसे पकड़ा गया। मार्टिन का कहना है कि मूल FIR में उनका नाम नहीं था, लेकिन जांच के दौरान उनका नाम मामले में जोड़ दिया गया। उनके मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर होने की वजह से उनका नाम इस मामले से जोड़ा गया।
मार्टिन ने बताया कि इस मामले ने उनकी जिंदगी पर गहरा असर डाला। लंबे समय तक केस चलने के कारण उन्हें काफी तनाव झेलना पड़ा और उन्होंने रेलवे की नौकरी भी गंवा दी। अब अदालत से बरी होने के बाद उन्हें बड़ी राहत मिली है। अदालत ने कहा कि उनके खिलाफ वित्तीय लेन देन और अजवा स्पोर्ट्स क्लब पर कथित नियंत्रण जैसे आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त विश्वसनीय सबूत नहीं मिले। कई गवाह भी आरोपों की पुष्टि नहीं कर सके। 22 साल बाद आया यह फैसला जैकब मार्टिन के लिए सिर्फ कानूनी जीत नहीं, बल्कि उनकी जिंदगी में एक नई शुरुआत भी माना जा सकता है।
1. जैकब मार्टिन कौन हैं?
जैकब मार्टिन पूर्व भारतीय क्रिकेटर और दाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। उन्होंने भारत के लिए 10 वनडे मैच खेले हैं।
2. जैकब मार्टिन को किस मामले में बरी किया गया?
उन्हें 2004 की FIR से जुड़े फर्जी यूके इमिग्रेशन स्टांप, यात्रा व्यवस्था और अन्य आरोपों वाले मामले में बरी किया गया है।
3. इस केस का जैकब मार्टिन की जिंदगी पर क्या असर पड़ा?
मार्टिन के मुताबिक, 22 साल तक चले मामले के कारण उन्हें काफी तनाव झेलना पड़ा और उनकी रेलवे की नौकरी भी चली गई।