
आईपीएल 2026 के क्वालिफायर-2 में क्रिकेट फैंस को रन, रिकॉर्ड और रोमांच से भरी ऐसी रात देखने को मिली, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। एक तरफ 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने अपने बल्ले से इतिहास रच दिया, तो दूसरी ओर शुभमन गिल ने कप्तानी पारी खेलते हुए गुजरात टाइटंस को फाइनल का टिकट दिला दिया। मुल्लांपुर में खेले गए इस मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स ने 214 रन का विशाल स्कोर बनाया, लेकिन गुजरात ने 18.4 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर मैच 7 विकेट से जीत लिया। अब फाइनल में गुजरात टाइटंस का सामना रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से होगा।
राजस्थान रॉयल्स के लिए सबसे बड़ी चर्चा का केंद्र रहे 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित किया। इस युवा बल्लेबाज ने 47 गेंदों में 96 रन ठोक दिए। उनकी पारी में 8 चौके और 7 लंबे छक्के शामिल रहे। वैभव ने शुरुआत से ही गुजरात के गेंदबाजों पर दबाव बनाया। खासकर स्पिनर्स के खिलाफ उनका अटैक देखने लायक था। हालांकि वह अपने शतक से सिर्फ 4 रन दूर रह गए। 18वें ओवर में कगिसो रबाडा की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में वह थर्ड मैन पर कैच आउट हो गए। दिलचस्प बात यह रही कि आईपीएल प्लेऑफ में लगातार दूसरी बार वैभव ‘नर्वस 90s’ का शिकार हुए। इससे पहले एलिमिनेटर में भी वह 97 रन बनाकर आउट हुए थे।
एक समय राजस्थान की टीम 190 रन तक पहुंचती भी मुश्किल दिख रही थी, लेकिन डोनोवन फरेरा ने आखिरी ओवर में तूफानी बल्लेबाजी कर स्कोर 214 तक पहुंचा दिया। उन्होंने राशिद खान के आखिरी ओवर में लगातार चार छक्के जड़ते हुए सिर्फ 11 गेंदों में 38 रन बना डाले। इस फिनिशिंग ने राजस्थान को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया था और ऐसा लग रहा था कि मुकाबला गुजरात के लिए आसान नहीं रहेगा।
215 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात टाइटंस को कप्तान शुभमन गिल और साई सुदर्शन ने धमाकेदार शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने पावरप्ले में ही राजस्थान के गेंदबाजों की लय बिगाड़ दी। गिल ने सिर्फ 53 गेंदों में 104 रन की कप्तानी पारी खेली। उनकी इनिंग में चौकों और छक्कों की बारिश देखने को मिली। उन्होंने बेहद आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए मैच पूरी तरह गुजरात की तरफ मोड़ दिया। साई सुदर्शन ने भी 32 गेंदों में 58 रन बनाए और गिल के साथ मिलकर रिकॉर्ड साझेदारी की। दोनों के बीच हुई ओपनिंग पार्टनरशिप ने राजस्थान की वापसी की उम्मीद लगभग खत्म कर दी थी।
214 रन जैसा बड़ा स्कोर बनाने के बावजूद राजस्थान रॉयल्स के गेंदबाज दबाव नहीं बना सके। जोफ्रा आर्चर को छोड़कर कोई भी गेंदबाज असरदार नहीं दिखा। फील्डिंग में भी टीम से कई गलतियां हुईं, जिसका फायदा गुजरात ने पूरी तरह उठाया। साई सुदर्शन का आसान कैच छूटना भी राजस्थान को भारी पड़ा। उसके बाद गुजरात के बल्लेबाजों ने मैच पर पूरी पकड़ बना ली।
इस जीत के साथ गुजरात टाइटंस ने एक बार फिर आईपीएल फाइनल में जगह बना ली है। टीम का संतुलन, बल्लेबाजी की गहराई और कप्तान शुभमन गिल की फॉर्म उन्हें खिताब का बड़ा दावेदार बना रही है। दूसरी ओर राजस्थान रॉयल्स के लिए यह हार काफी निराशाजनक रही। हालांकि वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ी का उभरना टीम और भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ी सकारात्मक खबर जरूर है।