BCCI Fitness Rules: टीम इंडिया के खिलाड़ियों की लगातार बढ़ रही चोटों के बाद BCCI ने फिटनेस नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब सभी खिलाड़ियों के लिए एक जैसे फिटनेस मानक लागू होंगे और ब्रोंको टेस्ट चयन का अहम हिस्सा बनेगा।
Team India Fitness Test: भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों के बार-बार चोटिल होने की समस्या को देखते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) अब सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। खिलाड़ियों की फिटनेस बेहतर बनाने और चोटों की संख्या कम करने के लिए बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) की मेडिकल टीम फिटनेस प्रोग्राम में बड़े बदलाव करने जा रही है। आइए जानते हैं कि नए फिटनेस नियमों में क्या-क्या बदलाव होंगे।
खिलाड़ियों के लिए तय होंगे एक जैसे फिटनेस मानक
रिपोर्ट्स के अनुसार, BCCI अब सभी खिलाड़ियों के लिए एक समान फिटनेस पैरामीटर (Standard Parameters) लागू करेगा। बोर्ड का मानना है कि पिछले कुछ समय में खिलाड़ियों की फिटनेस का लेवल पहले जैसा नहीं रहा, जिसकी वजह से बार-बार चोट लगने के मामले बढ़े हैं। अब किसी भी खिलाड़ी को फिट घोषित करने के लिए एक जैसे नियम लागू होंगे।
यो-यो टेस्ट नहीं, अब ब्रोंको टेस्ट होगा अहम
पिछले साल टीम इंडिया के नए स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच एड्रियन लेरुक्स ने फिटनेस टेस्टिंग के तरीके में बदलाव किया था। उनके आने के बाद यो-यो टेस्ट की जगह ब्रोंको टेस्ट को ज्यादा महत्व दिया जाने लगा। हालांकि, अब तक ब्रोंको टेस्ट के लिए कोई तय मानक नहीं था। लेकिन इंग्लैंड दौरे पर खिलाड़ियों के लगातार चोटिल होने के बाद BCCI ने इसमें भी नया नियम लागू करने का फैसला किया है। अब खिलाड़ियों को ब्रोंको टेस्ट 5 मिनट 15 सेकंड से 5 मिनट 20 सेकंड के बीच पूरा करना होगा। इसी के आधार पर उनकी फिटनेस का टेस्ट किया जाएगा।
पहले क्या था नियम?
इससे पहले BCCI ने यो-यो टेस्ट के लिए 16.5 अंक का न्यूनतम मानक तय किया था। वहीं 2 किलोमीटर रन टेस्ट को पूरा करने के लिए 9 से 10 मिनट का समय निर्धारित था।
अब नहीं मिलेगी किसी को छूट
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि पहले सभी खिलाड़ियों के लिए फिटनेस के नियम एक जैसे नहीं थे। कुछ सीनियर खिलाड़ियों को टेस्ट पास करने के लिए आसान टारगेट दिए जाते थे। वहीं टीम मैनेजमेंट की जरूरत के हिसाब से कुछ खिलाड़ियों को पूरी तरह फिट न होने के बावजूद फिट घोषित कर दिया जाता था। अब BCCI इस व्यवस्था को पूरी तरह खत्म करना चाहता है। नए नियमों के तहत हर खिलाड़ी के लिए एक जैसी फिटनेस प्रोसेस और एक जैसे मानक लागू होंगे। इससे सिलेक्शन प्रोसेस ज्यादा पारदर्शी और निष्पक्ष बनेगी।
क्या बोले BCCI सचिव?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने मेडिकल टीम को निर्देश दिए हैं कि किसी खिलाड़ी के नाम, अनुभव या कद को नहीं, बल्कि उसकी वास्तविक फिटनेस को प्राथमिकता दी जाए। अगर ये नए नियम सफल रहते हैं, तो टीम इंडिया को भविष्य में खिलाड़ियों की चोटों की समस्या से काफी राहत मिल सकती है। साथ ही बड़े टूर्नामेंटों में टीम अपने बेस्ट खिलाड़ियों के साथ मैदान पर उतर सकेगी।
फिटनेस नियमों को लेकर सर्च किए जाने वाले सवाल
1. BCCI ने फिटनेस नियमों में क्या बदलाव किया है?
BCCI अब सभी खिलाड़ियों के लिए एक समान फिटनेस मानक लागू करेगा और ब्रोंको टेस्ट को अधिक महत्व देगा।
2. ब्रोंको टेस्ट में नया नियम क्या है?
खिलाड़ियों को ब्रोंको टेस्ट 5 मिनट 15 सेकंड से 5 मिनट 20 सेकंड के बीच पूरा करना होगा। इसी के आधार पर उनकी फिटनेस का आकलन किया जाएगा।
3. BCCI ने यह फैसला क्यों लिया?
टीम इंडिया के खिलाड़ियों के लगातार चोटिल होने और फिटनेस में असमानता की शिकायतों के बाद BCCI ने चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने के लिए यह फैसला लिया है।
