
Prithvi Shaw Latest News: भारतीय क्रिकेटर पृथ्वी शॉ इस समय अपनी पर्सनल लाइफ और क्रिकेट करियर को लेकर चर्चा में हैं। 26 साल के पृथ्वी कभी भारतीय क्रिकेट का अगला बड़ा सितारा माने जाते थे, लेकिन पिछले कुछ सालों में खराब फॉर्म, चोटों और टीम से बाहर होने जैसी चुनौतियों ने उनके करियर को प्रभावित किया है। अब वह दोबारा अपने खेल पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं। पृथ्वी का लक्ष्य भारतीय टीम में वापसी करना है। उन्होंने हाल ही में अपने फोकस और जिंदगी में आए बदलावों को लेकर बात की। आइए, जानते हैं कि आखिर पृथ्वी शॉ किस लड़ाई की बात कर रहे हैं।
पृथ्वी शॉ ने हाल ही में इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में बताया कि वह क्रिकेट में वापसी के लिए पहले से ज्यादा मेहनत कर रहे हैं। फिलहाल वह सोशल मीडिया और बाहरी चर्चाओं से दूरी बनाकर अपने खेल को बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहते हैं। उन्होंने कहा, "मैं इस समय पहले से कहीं ज्यादा मेहनत कर रहा हूं। मेरा ध्यान सिर्फ खुद पर, अपने क्रिकेट और परिवार पर है। फिलहाल मैं इन्हीं तीन चीजों पर ध्यान देना चाहता हूं। बाकी चीजों को नजरअंदाज करने की कोशिश कर रहा हूं।" पृथ्वी के इस बयान से साफ है कि वह अतीत की परेशानियों में उलझने के बजाय अपने खेल और भविष्य पर ध्यान देना चाहते हैं। उनके लिए यह लड़ाई किसी दूसरे खिलाड़ी या आलोचक से नहीं, बल्कि खुद को बेहतर बनाने और अपने लक्ष्य तक पहुंचने की है।
पृथ्वी शॉ ने अपने इंटरव्यू में यह भी बताया कि उन्हें पर्सनल लाइफ में कैमरों और पपराजी की मौजूदगी पसंद नहीं है। यही वजह है कि वह बाहर जाने से बचते हैं और खाली समय में शांति से रहना पसंद करते हैं। उनका मानना है कि हर व्यक्ति की अपनी पसंद होती है। वह अपनी पर्सनल लाइफ में पर्सनल स्पेस चाहते हैं और निजी पलों को कैमरों से दूर रखना पसंद करते हैं। ऐसे में वह बाहरी चर्चाओं के बजाय अपने क्रिकेट और परिवार पर ध्यान देना चाहते हैं।
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पृथ्वी शॉ ने बहुत कम उम्र में अपनी बल्लेबाजी से सबका ध्यान खींच लिया था। मुंबई के हैरिस शील्ड स्कूल टूर्नामेंट में 546 रनों की ऐतिहासिक पारी खेलने के बाद वह सुर्खियों में आए। साल 2018 में उनकी कप्तानी में भारत ने अंडर-19 विश्व कप जीता। उसी साल वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट डेब्यू करते हुए उन्होंने शतक लगाया था। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और शानदार तकनीक के कारण पृथ्वी को भारतीय क्रिकेट का बड़ा भविष्य माना जाने लगा। हालांकि, वह शुरुआती सफलता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबे समय तक बरकरार नहीं रख पाए। उन्होंने भारत के लिए पांच टेस्ट, छह वनडे और एक टी20 इंटरनेशनल मैच खेला है। जुलाई 2021 में श्रीलंका के खिलाफ खेलने के बाद से वह भारतीय टीम में वापसी नहीं कर पाए हैं। साल 2024 में मुंबई की रणजी ट्रॉफी टीम से बाहर होने के बाद उनके करियर की चुनौतियां और बढ़ गईं। दिल्ली कैपिटल्स ने भी उन्हें रिलीज कर दिया था। आईपीएल 2025 की मेगा नीलामी में भी उन्हें कोई खरीदार नहीं मिला।
मुश्किल दौर के बावजूद पृथ्वी शॉ ने घरेलू क्रिकेट में वापसी की उम्मीद जगाई। 2025-26 रणजी ट्रॉफी सीजन में उन्होंने सात मैचों में 537 रन बनाए। इसमें चंडीगढ़ के खिलाफ 156 गेंदों पर खेली गई 222 रनों की शानदार पारी भी शामिल थी। इस प्रदर्शन से उन्होंने दिखाया कि वह अब भी बड़ी पारियां खेलने की क्षमता रखते हैं। हालांकि, भारतीय टीम में वापसी के लिए उन्हें लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा और सिलेक्टर्स का भरोसा जीतना होगा। फिलहाल पृथ्वी शॉ का पूरा ध्यान अपनी बल्लेबाजी, मेहनत और फिटनेस पर है। अब देखना होगा कि उनकी यह कोशिश उन्हें दोबारा टीम इंडिया तक पहुंचा पाती है या नहीं।