
नई दिल्ली: टी20 वर्ल्ड कप में 15 फरवरी को होने वाले भारत-पाकिस्तान मैच का पाकिस्तान बहिष्कार करेगा, ऐसी खबरों के बीच पूर्व भारतीय चीफ सेलेक्टर चेतन शर्मा ने एक बड़ी भविष्यवाणी की है। उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान सरकार ने पाक क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) को जो बहिष्कार का निर्देश दिया है, वह सिर्फ एक राजनीतिक चाल है और 12 फरवरी तक वे इस फैसले से पीछे हट जाएंगे।
चेतन शर्मा का तर्क है कि पाकिस्तान ने यह कदम बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव को प्रभावित करने के लिए उठाया है। उन्होंने इंडिया टुडे से कहा, "यह सिर्फ एक राजनीतिक खेल है। बांग्लादेश में 12 तारीख को चुनाव हैं। उसके बाद आप देखेंगे कि पाकिस्तान अपना रुख बदल देगा। वे जल्द ही एक बयान जारी करेंगे कि 'जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए हम क्रिकेट को बर्बाद नहीं कर सकते, इसलिए हमने भारत के खिलाफ खेलने का फैसला किया है'।"
चेतन शर्मा ने कहा कि वह एक राजनेता रह चुके हैं और चुनावी हथकंडे जानते हैं। उन्होंने कहा, "चुनाव खत्म होने के बाद शायद पाक सेना प्रमुख खुद दखल देकर कह सकते हैं कि खेल में राजनीति नहीं मिलानी चाहिए।" चेतन शर्मा ने यह भी बताया कि पाकिस्तान ने अभी तक आधिकारिक तौर पर आईसीसी को बहिष्कार के फैसले की जानकारी नहीं दी है।
चेतन शर्मा ने कहा, "आधिकारिक पुष्टि के बिना पाकिस्तान के बयानों का कोई मतलब नहीं है। बहिष्कार की घोषणा कोई भी कर सकता है, लेकिन जब तक इसे आधिकारिक तौर पर सूचित नहीं किया जाता, तब तक कुछ नहीं बदलता। यहाँ असल में सज़ा किसे मिल रही है? क्रिकेट और क्रिकेटरों को।"
बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के हटने के बाद सत्ता में आई मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार पाकिस्तान के साथ करीबी नीति अपना रही है। पाक क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख मोहसिन नकवी ने पहले कहा था कि आईसीसी टूर्नामेंट से बांग्लादेश को बाहर करना 'अन्याय' है। बांग्लादेश के साथ एकजुटता दिखाते हुए पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने की घोषणा की थी। लेकिन स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मोहम्मद यूनुस सरकार अब बांग्लादेश में भारी दबाव में है और आने वाले चुनावों में उन्हें बड़ी हार का सामना करना पड़ सकता है।
इस बीच, ऐसी भी खबरें हैं कि राजनीतिक दबाव के कारण भारत आने से इनकार करने के सरकार के रुख से बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के कुछ अधिकारी खुद नाखुश हैं। खबरें आ रही हैं कि वे उम्मीद कर रहे हैं कि सत्ता परिवर्तन से बांग्लादेश क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित होगा।