Top 5 Wasted Talent Of World Cricket: क्रिकेट का खेल एक जुनून नहीं, बल्कि जुनून, मेहनत और एक मौके की कहानी है। इसमें कई खिलाड़ी आते हैं और इतिहास लिख जाते हैं। लेकिन, यहां हम आपको उन 5 के बारे में बताएंगे, जो खेलते हुए भटके और बर्बाद हो गए।
विश्व क्रिकेट में एक से बढ़कर एक धुरंधर खिलाड़ी रहे हैं जिन्होंने बल्ले और गेंद से नया-नया इतिहास लिखा है। वहीं, कई खिलाड़ियों के पास अच्छा टैलेंट होने के बावजूद भी उनका करियर बर्बाद हो गया। यहां हम आपको उन पांच क्रिकेटरों के बारे में बताएंगे, जिनके पास टैलेंट की कोई कमी नहीं थी, लेकिन उनका करियर जल्द समाप्त हो गया।
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विनोद कांबली
विनोद कांबली और सचिन तेंदुलकर ने एक साथ क्रिकेट के मैदान पर कदम रखा था। एक मुकाबले में दोनों के बीच 600 से ज्यादा रनों की साझेदारी हुई जिसके बाद ऐसा लगा कि विश्व क्रिकेट को एक नहीं, बल्कि दो नायाब हीरा मिला है। कांबली ने टेस्ट क्रिकेट में धमाल मचा दिया। ऐसा लगा अब वो क्रिकेट की दुनिया में छा जाएंगे, लेकिन उनकी गलत लाइफस्टाइल और अनुशासनहीनता ने उनके टैलेंट को फीका कर दिया।
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केविन पीटरसन
इंग्लैंड के शानदार बल्लेबाज केविन पीटरसन के पास टैलेंट की कोई कमी नहीं थी। उनका स्टाइल और खेलने का अंदाज लोगों को बेहद पसंद आता था। एशेज 2025 में ऑस्ट्रेलिया के सामने अकेले पहाड़ बनकर खड़े हो गए थे। बड़े मैचों में लाजवाब प्रदर्शन करने का हुनर था, लेकिन उनकी सबसे बड़ी कमी अहंकार थी। टीम मैनेजमेंट के साथ खराब बर्ताव और अपने आप को बड़ा समझने के चक्कर में उन्होंने अपना करियर खराब कर लिया।
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मोहम्मद आसिफ
पाकिस्तान के तेज गेंदबाज मोहम्मद आसिफ के पास लाजवाब स्विंग और पेस थी। उनकी स्विंग के सामने दुनिया के खतरनाक बल्लेबाज भी बेबस नजर आते थे। वसीम अकरम और ग्लेन मैक्ग्रा जैसा दिग्गज भी उनकी तारीफ करने से पीछे नहीं हटते थे। लेकिन इसके बावजूद उन्होंने करियर को अपने हाथों से बर्बाद कर लिया। अनुशासनहीनता और स्पॉट फिक्सिंग ने उन्हें बर्बाद कर दिया।
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हर्शल गिब्स
एक समय साउथ अफ्रीका के ख़तरनाक बल्लेबाज बन चुके हर्शल गिब्स के साथ भी ऐसा ही हुआ। उनकी बल्लेबाजी के सामने बड़े-बड़े गेंदबाजों की हवा निकल जाती थी। वह एक आक्रामक शॉट खेलने वाले प्लेयर माने जाते थे, जो बड़े टूर्नामेंट में भी अपना प्रदर्शन सबसे ऊपर रखते थे। मगर शराब, नशा, पार्टी और लाइफस्टाइल ने उनके सभी टैलेंट पर पानी फेर दिया। इस तरह वनडे क्रिकेट में सबसे पहले छह गेंद पर छह छक्के मारने वाले इस बल्लेबाज के करियर का अंत हो गया।
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ल्यूक पोमर्सबैक
ऑस्ट्रेलिया के इस खिलाड़ी को भले ही ज्यादा नाम नहीं मिला हो, लेकिन उनके पास वह टैलेंट थी, जिसके दम पर पूरे विश्व क्रिकेट में राज कर सकते थे। बाएं हाथ कैसे बल्लेबाज ने बल्ले से धुआंधार प्रदर्शन किया, जिसके बाद कई बड़े दिग्गजों ने भी इनके तारीफ किया सुपरस्टार बताया। 2007 में डेब्यू किया, लेकिन सिर्फ एक ही T20 इंटरनेशनल मुकाबला खेल पाए। इसके पीछे का बड़ा रीजन उनकी शराब की लत और अनुशासनहीनता रही।