Vaibhav Suryavanshi Father: कौन हैं संजीव सूर्यवंशी, जानिए वैभव सूर्यवंशी के पिता क्या करते हैं?

Published : Feb 06, 2026, 06:16 PM IST

Vaibhav Suryavanshi Father Occupation: अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में 175 रन ठोकने वाले वैभव सूर्यवंशी के पिता क्या करते हैं? जानिए किसान पिता संजीव सूर्यवंशी की मेहनत, जमीन बेचने की कुर्बानी और बेटे को क्रिकेट स्टार बनाने की कहानी।

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अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास

बिहार के समस्तीपुर जिले के मोतीपुर गांव से निकलकर 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 80 गेंदों में 175 रन ठोककर सबको चौंका दिया। इतनी कम उम्र में ऐसा प्रदर्शन भारतीय क्रिकेट में बहुत कम देखने को मिलता है। इस पारी के बाद हर किसी के मन में सवाल है कि आखिर वैभव के पीछे कौन-सा परिवार और कौन-सी परवरिश है? वैभव सूर्यवंशी के पिता क्या करते हैं? जानिए

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कौन हैं वैभव सूर्यवंशी के पिता संजीव सूर्यवंशी, क्या करते हैं?

वैभव सूर्यवंशी के पिता का नाम संजीव सूर्यवंशी है। वह पेशे से किसान भी रहे हैं और दुकान भी चलाते थे। वह खुद भी कभी क्रिकेटर बनने का सपना देखते थे। हालांकि हालात ऐसे नहीं थे कि वह आगे बढ़ पाते। लेकिन उन्होंने तय कर लिया था कि जो सपना वह पूरा नहीं कर पाए, उसे अपने बेटे के जरिए जरूर जिएंगे।

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बेटे वैभव को क्रिकेटर बनाने के लिए दुकान-खेती छोड़ी, जमीन बेची

संजीव सूर्यवंशी ने बेटे वैभव सूर्यवंशी के क्रिकेट करियर के लिए बड़ा फैसला लिया। उन्होंने अपनी खेती की जमीन तक बेच दी ताकि वैभव की ट्रेनिंग, यात्रा और कोचिंग में कोई कमी न रहे। गांव में ही घर के पिछवाड़े सीमेंट की पिच बनवाई, ताकि बेटा रोज प्रैक्टिस कर सके। कोचिंग के लिए उन्होंने अपनी दुकान और दूसरे काम भी छोड़ दिए और पूरा वक्त वैभव को देने लगे।

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हफ्ते में तीन दिन क्रिकेट ट्रेनिंग के लिए बेटे को पटना लेकर जाते

वैभव जब सिर्फ 9 साल के थे, तब उनके पिता उन्हें हर दूसरे दिन समस्तीपुर से पटना करीब 100 किलोमीटर दूर कोच मनीष ओझा के पास ट्रेनिंग के लिए ले जाते थे। सुबह 7:30 बजे प्रैक्टिस शुरू होती और शाम तक चलती, फिर उसी दिन घर वापसी। चार साल से ज्यादा समय तक यह सिलसिला चला। पिता हर ट्रेनिंग, हर मैच में बेटे के साथ खड़े रहे।

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वैभव सूर्यवंशी के पिता की कुर्बानी रंग लाई

वही वैभव सूर्यवंशी इतनी कम उम्र में IPL 2025 में राजस्थान रॉयल्स द्वारा 1.1 करोड़ में खरीदे जा गए और डेब्यू मैच की पहली ही गेंद पर छक्का जड़ा। खुद वैभव कई बार कह चुके हैं कि उनकी सफलता के पीछे माता-पिता की सबसे बड़ी भूमिका है। जिस पिता ने खेती और दुकान छोड़ी, जमीन बेची और अपने सपनों को बेटे के लिए कुर्बान किया, आज उसी पिता का सपना सच होता दिख रहा है। अब वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में भी इतिहास रच दिया है।

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About the Author

Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...
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