
अंतर्राष्ट्रीय T20 के इतिहास में ऐसा सिर्फ तीन बार हुआ है, जब एक पारी में 300 रन बने हों। इस फॉर्मेट में नौ वर्ल्ड कप बीत जाने के बाद भी कोई टीम इस जादुई आंकड़े तक नहीं पहुंच पाई है। इसके सबसे करीब श्रीलंका पहुंची थी, वो भी पहले टूर्नामेंट में केन्या के खिलाफ 260 रन बनाकर। इस बार वर्ल्ड कप के लिए कई टीमें आक्रामक क्रिकेट खेलने के इरादे से भारत और श्रीलंका पहुंची हैं। तो क्या इस वर्ल्ड कप में 300 रन बनेंगे? आइए जानते हैं इसकी क्या संभावनाएं हैं।
भारत और श्रीलंका की मेजबानी में होने वाले वर्ल्ड कप में 300 रन बनने की उम्मीद के पीछे कुछ खास वजहें हैं। पहली तो यहां की बैटिंग-फ्रेंडली पिचें हैं। हाल ही में खत्म हुई भारत-न्यूजीलैंड T20 सीरीज के पांच मैचों की दस पारियों में से छह बार स्कोर 200 के पार गया था। तिरुवनंतपुरम में तो भारत का स्कोर 271 तक पहुंच गया था। तीसरे T20 में हमने देखा कि भारत ने 10 ओवर में 155 रन बना दिए थे। वर्ल्ड कप के लिए भी ऐसी ही पिचें तैयार होने की उम्मीद है।
दूसरी वजह है भारत के तेज आउटफील्ड और बाउंड्री का छोटा होना। ऑस्ट्रेलिया की तरह यहां के मैदानों में बाउंड्री औसतन 70 से 80 मीटर की नहीं, बल्कि 60 से 70 मीटर की होती है। ये चीजें स्कोरिंग को और भी आसान बनाती हैं। इसलिए, 300 रन बनाना कोई बहुत बड़ी चुनौती नहीं होगी। आजकल T20 में खिलाड़ियों का खेलने का तरीका भी ज्यादा निडर हो गया है। पावरप्ले में 100 रन बनना अब एक आम बात हो गई है।
2024 T20 वर्ल्ड कप के बाद अगर फुल मेंबर टीमों के आंकड़े देखें, तो हर ओवर में एक बाउंड्री का औसत है, और हर साल गेंदों और बाउंड्री के बीच का फासला कम होता जा रहा है। पावरप्ले में औसत रन रेट नौ के करीब है। अगर सिर्फ भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की बात करें, तो उनका औसत इससे भी ऊपर होगा। अक्टूबर 2023 के बाद इन टीमों ने 34 बार 200 से ज्यादा का स्कोर बनाया है, जिसमें से अकेले भारत ने 20 बार ऐसा किया है। इससे पता चलता है कि T20 कितना तेज हो गया है।
अब तक देखें तो जिम्बाब्वे, नेपाल और इंग्लैंड जैसी टीमों ने ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 300 रन बनाए हैं। जिम्बाब्वे ने गाम्बिया के खिलाफ और नेपाल ने मंगोलिया के खिलाफ। इन्हें अपेक्षाकृत कमजोर टीमें माना जा सकता है। लेकिन इंग्लैंड की उपलब्धि मजबूत दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ थी। पिछले साल सितंबर में मैनचेस्टर T20 में फिल साल्ट और जोस बटलर की बल्लेबाजी ने प्रोटियाज गेंदबाजों को रनों के पहाड़ तले दबा दिया था।
अब देखते हैं कि वर्ल्ड कप में कौन सी टीमें यह ऐतिहासिक स्कोर बना सकती हैं। 300 रन के आंकड़े तक पहुंचने के लिए बैटिंग में गहराई बहुत जरूरी है। इस लिस्ट में सबसे आगे भारत है। टीम की बैटिंग लाइन-अप सातवें नंबर तक है, जिसमें अभिषेक शर्मा से लेकर रिंकू सिंह तक बल्लेबाज हैं। अगर कम मौके पाने वाले रिंकू और हार्दिक को छोड़ दें, तो इस साल सभी बल्लेबाजों का स्ट्राइक रेट 200 से ऊपर है। T20 में भारत का सर्वोच्च स्कोर 297 है, जो बांग्लादेश के खिलाफ बना था।
सूर्यकुमार यादव की टीम जिस तरह से T20 खेल रही है, वह हाल के दिनों में क्रिकेट की दुनिया को हैरान कर रही है। यह तय है कि वे 300 का स्कोर सिर्फ कमजोर टीमों के खिलाफ ही नहीं, बल्कि मजबूत टीमों के खिलाफ भी बना सकते हैं। भारत के बाद इंग्लैंड का नंबर आता है। इस टीम की कप्तानी हैरी ब्रूक कर रहे हैं, जो दुनिया के सबसे बेहतरीन पावर हिटर में से एक हैं। टीम में जोस बटलर, फिल साल्ट, विल जैक्स और बेन डकेट जैसे खिलाड़ियों की लंबी लिस्ट है। सैम करन और जैकब बेथेल टीम को और मजबूती देते हैं। भारत की तरह ही उनके पास भी बैटिंग में गहराई है। इंग्लैंड ने तो यह साबित भी किया है कि वे सिर्फ टॉप ऑर्डर के दम पर 300 पार कर सकते हैं।
अब बात ऑस्ट्रेलिया की। ऑस्ट्रेलिया को T20 में 250 से ऊपर स्कोर बनाए लगभग एक दशक हो गया है। फरवरी 2024 में वेस्टइंडीज के खिलाफ एडिलेड में बनाए गए 241 रन उनका हाल का सबसे अच्छा स्कोर है। लेकिन, भारत और इंग्लैंड की तरह ही मिचेल मार्श की ऑस्ट्रेलियाई टीम में भी बैटिंग में गहराई है। इसलिए उनकी संभावनाओं को भी नकारा नहीं जा सकता।